Live 11 News: अहमदाबाद में हाल ही में हुए विमान हादसे के बाद नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। डीजीसीए ने एअर इंडिया से तीन अधिकारियों को हटाने का आदेश दिया है, जिसमें एक डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट भी शामिल है।
DGCA के निर्देश
डीजीसीए ने एअर इंडिया को निर्देश दिया है कि वह इन अधिकारियों को चालक दल की समय-सारणी और रोस्टरिंग से संबंधित सभी जिम्मेदारियों से हटा दे। इसके साथ ही, डीजीसीए ने एअर इंडिया को इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का भी आदेश दिया है। एअर इंडिया को 10 दिन के भीतर इस मामले में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
एकाउंटेबल मैनेजर को नोटिस
डीजीसीए ने एअर इंडिया के एकाउंटेबल मैनेजर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि 16 और 17 मई को बंगलूरू से लंदन के लिए संचालित की गई दो उड़ानों ने 10 घंटे की निर्धारित उड़ान समय सीमा को पार कर लिया। डीजीसीए ने अधिकारी से सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है कि उल्लंघन के लिए उचित कार्रवाई क्यों न की जाए।
एस्केप स्लाइड्स की जांच में लापरवाही
डीजीसीए ने इससे पहले एअर इंडिया को तीन एयरबस विमानों के आपातकालीन उपकरणों की जांच में लापरवाही के लिए चेतावनी दी थी। जांच में पाया गया कि एस्केप स्लाइड्स के महत्वपूर्ण आपातकालीन उपकरणों का निरीक्षण निर्धारित समय से अधिक समय तक नहीं किया गया था।
अहमदाबाद विमान हादसा
12 जून को लंदन जा रहा एअर इंडिया का विमान एआई-171 अहमदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से एक व्यक्ति को छोड़कर सभी की मौत हो गई थी। इसके अलावा, जमीन पर मौजूद लगभग 29 लोग भी मारे गए थे।
इस हादसे के एक सप्ताह बाद, 215 मृतकों की पहचान डीएनए मिलान के जरिए कर ली गई है। 198 शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं, जिनमें 149 भारतीय, 32 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक शामिल हैं।
डीजीसीए की सख्त कार्रवाई और विमानन सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के बीच, यह हादसा एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
