बेरमो / बोकारो थर्मल-नरकी मुख्य मार्ग पर कुसुमडीह के समीप रविवार सुबह एक हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला। करीब 35 वर्षीय एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला असहाय हालत में सड़क किनारे पड़ी हुई थी। लोग वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने उसकी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया।
इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले प्रभात खबर के वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्रा, लाइव 11न्यूज़ के राजेश सागर और दैनिक भास्कर के सूरज कुमार सिंह की नजर उस पर पड़ी। महिला की दयनीय स्थिति देख तीनो ने मानवता का परिचय देते हुए उसकी मदद करने का फैसला किया।
कपड़े पहनाकर पहुंचाया थाना
मानवता को शर्मसार करने वाली इस स्थिति में महिला के तन पर पूरे कपड़े भी नहीं थे। युवकों ने तुरंत अरमो निवासी गोविंद यादव के सहयोग से कुसुमडीह की एक आदिवासी महिला से कपड़ों की व्यवस्था कराई और सम्मानपूर्वक महिला को कपड़े पहनाए। इसके बाद उसे ऑटो से बोकारो थर्मल थाना ले जाया गया।
थाना में पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोमिया स्थित असहाय एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के लिए कार्य करने वाली संस्था *’माहेर’* और कांग्रेस नेत्री सुषमा कुमारी को इसकी सूचना दी।
बेड की कमी बनी बाधा, समाजसेवी आए आगे
जब महिला को संस्था में भर्ती कराने की प्रक्रिया शुरू हुई तो बेड और जगह की कमी बाधा बन गई। संस्था के संचालक राजेश कुजूर ने जगह के अभाव में तत्काल रखने में असमर्थता जताई।
इस पर कांग्रेस नेत्री सुषमा कुमारी ने पहल करते हुए गोमिया प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष सह समाजसेवी पंकज पांडेय उर्फ टिल्लू पांडेय से संपर्क किया। समाजसेवी टिल्लू पांडेय ने तुरंत संस्था के लिए नया बेड उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली और मानवता की मिसाल पेश की।
पुलिस टीम ने संस्था में कराया भर्ती
बेड की व्यवस्था होते ही बोकारो थर्मल थाना के सअनि पंकज कुमार भारद्वाज, सअनि भगवान कामथ, हवलदार और महिला पुलिसकर्मी खुशबू कुमारी की टीम महिला को सुरक्षित गोमिया स्थित माहेर संस्था लेकर पहुंची, जहां संस्था ने उसे भर्ती कर लिया।
बताया जाता है कि महिला हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में बातचीत कर रही है। उसने अपना नाम संत डोमनिका बताया है, हालांकि उसके परिजनों और घर के बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
अपनों से बिछड़ी इस महिला को कुछ संवेदनशील लोगों की पहल से सुरक्षित छत और देखभाल का सहारा मिल गया। यह घटना यह संदेश देती है कि थोड़ी सी संवेदनशीलता किसी बेसहारा की पूरी जिंदगी बदल सकती है।
बेरमो संवाददाता राजेश सागर की रिपोर्ट,
