कथारा (बेरमो) पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश की खुशी में मनाया जाने वाला जश्ने ईद-मिलादुन्नबी कथारा क्षेत्र में इस वर्ष भी अकीदत, एहतराम और भाईचारे के माहौल में धूमधाम से मनाया गया। कथारा फुटबॉल ग्राउंड में विभिन्न इलाकों से निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी का भव्य संगम हुआ। हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी और नारों की गूंज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

जुलूस में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
खेतको, छप्परगढ़ा, जारंगडीह, आसनापानी, कथारा और झिरकी सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से जुलूस निकाला गया। हाथों में परचम और दिलों में पैगंबर-ए-इस्लाम के प्रति अकीदत लिए बड़ी संख्या में लोग कथारा फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे। जुलूस के दौरान “सरकार की आमद मरहबा” और “लब्बैक या रसूल अल्लाह” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
अलग-अलग अंजुमनों के जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए कथारा मैदान पहुंचे, जहां सभी का भव्य स्वागत और एकजुटता का दृश्य देखने को मिला।
कमेटियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न अंजुमन एवं कमेटियों के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मरकज कमेटी के अध्यक्ष इसराफिल अंसारी उर्फ बबनी, झिरकी अंजुमन कमेटी के सदर हाजी रब्बानी एवं सेक्रेटरी कलीम अंसारी, खेतको अंजुमन कमेटी के सदर तनवीरुल कमर, सेक्रेटरी शमशेर आलम, आसनापानी अंजुमन कमेटी के सदर मुस्तकीम अंसारी ,हाजी समसुल सेक्रेटरी तथा छप्परगढ़ा, कथारा अंजुमन कमेटी के सदर एवं सेक्रेटरी रहीमुल्ला, शब्बीर अंसारी, गुलशरीफ पूर्व जेपी, रफी अकरम उप मुखिया,जुनैद आलम समाज सेवी,गुलाम नबी, शाहिद अंसारी,परवेज राजू, सहित अन्य जिम्मेदार लोग आयोजन में सक्रिय रहे।
उलेमा ने दिया अमन और इंसानियत का संदेश
जश्ने ईद-मिलादुन्नबी के अवसर पर क्षेत्र के उलेमा-ए-किराम और कारी साहिबान ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अपने संबोधन में उन्होंने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की सीरत पर रोशनी डालते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
मौके पर मौलाना शमीम हसन, मौलाना तबारक रजवी, मौलाना अब्दुल मुबीन, मौलाना इरशादुल्ला कादरी, मौलाना मो. इनामुल हक मिसबाही, कारी अब्दुल हमीद, मौलाना मुस्लिम, कारी मोईन, मौलाना शफीक अजहर, मौलाना इहरुसुल कादरी, मौलाना अब्दुल गनी, कारी कामरान और कारी तसलीम समेत कई उलेमा एवं कारी साहिबान उपस्थित रहे।
मोहब्बत और भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ईद-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का संदेश भी देता है। समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, इंसानियत और शांति को मजबूत करना ही इस अवसर का वास्तविक उद्देश्य है।
कार्यक्रम के अंत में देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और खुशहाली की विशेष दुआ की गई। कथारा फुटबॉल ग्राउंड से निकला यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकजुटता की खूबसूरत तस्वीर पेश कर गया।
