बेरमो: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कथारा एरिया में बढ़ती कोयला चोरी और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए बड़ी तैयारी की गई है। बोकारो-करगली और ढोरी एरिया की तर्ज पर अब कथारा एरिया में भी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती की जा रही है। अक्टूबर महीने से CISF जवान मोर्चा संभालेंगे।
स्वांग में तैयार हो रहा है CISF का बैरक
CISF जवानों के रहने के लिए स्वांग स्थित सीआरपीएफ के पुराने बैरक का युद्धस्तर पर जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। बैरक की साफ-सफाई, रंग-रोगन, बिजली-पानी समेत सभी जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। CCL प्रबंधन की मंशा है कि जवानों को बेहतर आवासीय सुविधा मिले ताकि वे पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी कर सकें।
150 जवानों को मिली मंजूरी, संवेदनशील जगहों पर रहेगा पहरा
CCL प्रबंधन ने मुख्यालय को 240 से 250 CISF जवानों की मांग भेजी थी, जिस पर फिलहाल 150 जवानों की तैनाती को हरी झंडी मिल गई है। इन जवानों को कथारा एरिया के सबसे संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थलों पर तैनात किया जाएगा।
इनमें जारंगडीह कोलियरी, कथारा कोलियरी, जारंगडीह रेलवे साइडिंग, स्वांग-गोविंदपुर फेज-2 प्रोजेक्ट और गोविंदपुर ओसीपी शामिल हैं। इन इलाकों में अक्सर कोयला चोरी और अवैध कोयला लदाई की घटनाएं सामने आती रही हैं।
CCL सिक्योरिटी और CISF का संयुक्त ऑपरेशन
इस संबंध में सुरक्षा अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि CISF की तैनाती के बाद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद हो जाएगी। स्थानीय CCL सिक्योरिटी और CISF जवान संयुक्त रूप से गश्त और निगरानी करेंगे। स्वांग-गोविंदपुर प्रोजेक्ट, वे-ब्रिज, कोल स्टॉक यार्ड और रेलवे साइडिंग जैसे व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर 24 घंटे निगरानी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि CISF के आने से न सिर्फ कोयला चोरी रुकेगी, बल्कि अवैध कारोबार में लिप्त असामाजिक तत्वों में भी भय का माहौल बनेगा। CCL प्रबंधन और स्थानीय सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयास से कथारा एरिया को पूरी तरह से सुरक्षित जोन बनाने की तैयारी है।
राजेश सागर की रिपोर्ट,
