Home » News Update » Operation Sindoor : एक के नाम 2500 घंटे उड़ान का रिकॉर्ड, तो एक ‘फोर्स 18’ की खास… जानें

Operation Sindoor : एक के नाम 2500 घंटे उड़ान का रिकॉर्ड, तो एक ‘फोर्स 18’ की खास… जानें

Operation Sindoor : भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर यानी POK के आतंकवादी ठिकानों को तहस-नहस कर दिखाया। दुनिया के सामने भारतीय सेना के पराक्रम से भरे इस ऐतिहासिक ऑपरेशन की आधिकारिक जानकारी रखने के लिए भारतीय सेना की ओर से बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस की अगुवाई दो महिला सैन्य अधिकारियों ने की। इनमें एक भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और दूसरी भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह। प्रेस कांफ्रेंस के बाद से भारतीय सेना की ये दोनों महिला अधिकारी सुर्खियों में हैं।

कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी

मूल रूप से गुजरात के वडोदरा की रहने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने 1997 में एमएस यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद भारतीय सेना को चुना। सोफिया कुरैशी ने “कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स” में शामिल होकर कई सफलताएं हासिल कीं। उनके दादा भी भारतीय सेना से जुड़े हुए थे। सोफिया आज खुद और उनके पति दोनों भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

साल 2016 में कर्नल सोफिया ने भारतीय सेना के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वे पहली महिला अधिकारी बनीं जिन्होंने भारतीय दल का नेतृत्व किया और 18 देशों द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास “फोर्स 18” में भाग लेने वाली एकमात्र महिला कमांडर रहीं। उनके नेतृत्व में भारतीय दल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल और संकल्प शक्ति का प्रदर्शन किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति मिशनों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। संयुक्त राष्ट्र के पीसकीपिंग ऑपरेशन्स के तहत छह वर्षों की सेवा के दौरान, वे 2006 में कांगो में तैनात रहीं। शांति स्थापना और मानवीय सहायता के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उनका स्पष्ट संदेश है: “विवादग्रस्त क्षेत्रों में शांति लाने का प्रयास मेरे लिए गौरव का क्षण रहा।”

विंग कमांडर व्योमिका सिंह के बारे में जानें

18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं विंग कमांडर व्योमिका सिंह मौजूदा समय की बेहतरीन विंग कमांडर में से एक हैं। उनके पास लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने का बेहतरीन अनुभव है। चीता, चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने में उन्हें महारथ हासिल है। उनके पास 2500 से भी ज्यादा घंटे की उड़ान का अनुभव और उन्हें ऊंचे पहाड़ी इलाकों में उड़ान की विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में कई ऑपरेशन किए हैं। व्योमिका सिंह को वायुसेना में शामिल होने के 13 साल बाद विंग कमांडर का पद मिला। 18 दिसंबर 2017 में वे विंग कमांडर बनीं। व्योमिका सिंह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में भाग लिया। वह अपने परिवार की पहली सदस्य हैं, जिन्होंने सशस्त्र बलों में सेवा की है। वायुसेना में शामिल होकर व्योमिका सिंह ने अपने बचपन का सपना पूरा किया। वे छठी कक्षा से ही वायुसेना में शामिल होने का इरादा रखती थीं। उनके नाम व्योमिका का अर्थ है- आकाश में निवास करने वाली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

POll

क्या आप \"Live 11 News\" की खबरों से संतुष्ट हैं?

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal