बेरमो/जारंगडीह: बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के जारंगडीह पानी टंकी के निकट अवैध रूप से कोयले का भंडारण कर उसे बिहार की मंडियों में भेजने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कोयला तस्करों ने पानी टंकी के आसपास के क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कोयला जमा किया है, जिसे रात के अंधेरे में ट्रकों के माध्यम से बिहार के विभिन्न बाजारों और ईंट भट्ठों में खपाया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण और असुरक्षा की समस्या बढ़ रही है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “पानी टंकी के पास कोयले के ढेर से धूल और गंदगी फैल रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। रात में ट्रकों की आवाजाही से शांति भी भंग हो रही है।
हाल के महीनों में बोकारो और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, महुआटांड़ थाना क्षेत्र में पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 400-500 टन अवैध कोयला जब्त किया गया था, जिसमें मुख्य आरोपी फरार हो गए थे। इसी तरह आए दिन कोयला तस्करी में पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत का मामला भी उजागर हुआ था, जहां रात में कोयले को ट्रकों में लादकर बिहार और यूपी की मंडियों में भेजा जा रहा था।
जरंगडीह के इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग से तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कोयला माफियाओं की संगठित गतिविधि का हिस्सा हो सकता है, जो सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा है।जब स्थानीय पुलिस से संपर्क किया गया, तो एक अधिकारी ने कहा, “हमें इसकी सूचना मिली है। हम जल्द ही क्षेत्र में छापेमारी करेंगे और अवैध भंडारण को जब्त करने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”निवासियों ने मांग की है कि अवैध कोयले के भंडार को तुरंत हटाया जाए और तस्करी के इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। यह मामला एक बार फिर बोकारो में अवैध कोयला कारोबार की गंभीर समस्या को रेखांकित करता है, जिस पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नीतियों और नियमित निगरानी की जरूरत है।
ब्युरो मोहम्मद सिराज की रिपोर्ट,
