सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के सबसे अधिक बढ़े मरीज।
हंटरगंज(चतरा ): मौसम में उतार चढ़ाव के साथ वायरल बुखार, सर्दी – जुकाम और खांसी का जोखिम बढ़ गया है। हंटरगंज में मानसून की बारिश के बाद अब मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। लोगों की बड़ी तादाद मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सामुदायिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हंटरगंज में पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चारों ओर मरीज ही मरीज नजर आ रहे हैं। पर्ची काउंटर पर भी मरीजों की लंबी लंबी कतार लग रही है।मरीज लाइन में लगकर डॉक्टर को दिखाने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। बरसात के बाद जगह-जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गयी है। जलभराव से मच्छरों को पनपने का उपयुक्त वातावरण मिल गया है। हंटरगंज के सीएचसी केंद्र में बरसात से पहले ओपीडी में 50 से 60 मरीज पहुंचते थे लेकिन अब 200 के पार आउटडोर मरीजों की संख्या पहुंच गयी है।मरीजों की संख्या बढ़ने से डॉक्टरों पर बोझ बढ़ गया है। डॉक्टर का कहना है कि दिन में गर्मी और रात में ठंडक से शरीर का तापमान बिगड़ रहा है।वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम पाई जा रही है।मौसम में आये बदलाव से वायरल बुखार, जुकाम-खांसी का जोखिम बढ़ जाता है।हंटरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर वेद प्रकाश ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मौसमी बीमारियों के कारण मरीजों की आउटडोर में बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने आगे बताया कि जुकाम, खांसी, वायरल फीवर के मरीज इलाज कराने ज्यादा आ रहे हैं।ओपीडी में मरीजों की रोजाना संख्या दो सौ से ऊपर हो गयी है। अस्पताल में मरीजों के लिए निशुल्क दवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
*चिकित्सा प्रभारी ने लोगो से सावधानियां बरतने की अपील*
चिकित्सा प्रभारी वेद प्रकाश ने लोगो से अपील की है कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें और सावधानियों का पालन कर खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित रखें।गर्म व ताजा भोजन करें। पीने का पानी छानकर या उबालकर पिएं। ज्यादा देर तक धूप और पानी में ना रहे। सफर करते समय या सफर के बाद फ्रीज का पानी उपयोग ना करे।
खुले में रखा या बासी भोजन न करें। कटे-फटे फल व सब्जियों का सेवन न करें। उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी, सिरदर्द जैसे लक्षण होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल जांच कराएं।
