भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में कराने की घोषणा की है—पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा 11 नवंबर को होगा, जबकि परिणाम 14 नवंबर को आएंगे। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार बिहार में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 1200 से 1500 कंपनियां भेजने की तैयारी कर रही है। इनमें से 500 कंपनियां पहले ही राज्य में तैनात की जा चुकी हैं ताकि चुनावी व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके। बिहार सरकार ने केंद्र से कुल 1800 कंपनियों की मांग की है। सीएपीएफ में सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी और सीआईएसएफ जैसे बल शामिल हैं, जो प्रशासन को बूथ कैप्चरिंग और हिंसा जैसे खतरों से निपटने में मदद करेंगे।
वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने वामपंथी उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ भी उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। जम्मू-कश्मीर में दो आतंकियों का सफाया किया गया और पांच ओवर ग्राउंड वर्कर गिरफ्तार हुए। नक्सल प्रभावित इलाकों में सितंबर के दौरान 26 माओवादी मारे गए, 98 गिरफ्तार हुए और 98 ने आत्मसमर्पण किया। इस अभियान में बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक जब्त किए गए हैं, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल और जनविश्वास दोनों मजबूत हुआ है।
