
बोकारो: जिले के पेक नारायणपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध कोयला तस्करों के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र में कोयले का अवैध उत्खनन और परिवहन अब छिपी बात नहीं रह गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, तस्कर अब बेखौफ होकर ट्रैक्टरों के जरिए भारी मात्रा में कोयले की तस्करी कर रहे हैं।
ट्रैक्टर बने तस्करी का मुख्य जरिया
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पेक नारायणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में तस्करों ने ट्रैक्टरों की एक पूरी फौज तैनात कर रखी है।
अंधाधुंध परिवहन: दिन के उजाले में तो सतर्कता बरती जाती है, लेकिन शाम होते ही दर्जनों ट्रैक्टर कोयले से लदे हुए सड़कों पर दौड़ने लगते हैं।
रूट का जाल: तस्करों ने पुलिस की गश्त से बचने के लिए ग्रामीण और कच्चे रास्तों को अपना मुख्य कॉरिडोर बना लिया है।

खतरनाक रफ़्तार: कोयला लदे ये ट्रैक्टर गलियों और संकरी सड़कों पर अत्यधिक तेज गति से चलते हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों के लिए हर वक्त दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों से कोयले की ढुलाई पुलिस की नजरों से कैसे बची हुई है? यह चर्चा आम है कि बिना ‘साठगांठ’ के इतने बड़े पैमाने पर तस्करी संभव नहीं है।
