गिरिडीह: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय गिरिडीह परिसर में वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 70,695 प्री-लिटिगेशन मामले तथा 4,479 लंबित मामलों का निष्पादन किया गया। लोक अदालत के माध्यम से 2 करोड़ 96 लाख 73 हजार 236 रुपये की राजस्व राशि की प्राप्ति हुई।
राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के माननीय मुख्य न्यायाधीश के कर कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान दुर्घटना वाद के पीड़ितों को 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार रुपये से अधिक राशि के चेक भी प्रदान किए गए।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली तथा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह मार्तंड प्रताप मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय धनंजय कुमार एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आमजनों और पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से सुलहनीय आपराधिक मामले, सिविल मामले, बैंक वाद, मोटर दुर्घटना वाद, बिजली, वन विभाग, उत्पाद, माप-तौल तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाता है, जिससे पक्षकारों को राहत मिलती है और न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।
कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के सचिव सफदर अली नैयर ने किया। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पहले से ही विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं पारा लीगल वॉलिंटियर्स के साथ बैठक कर मामलों को चिन्हित किया गया था तथा संबंधित पक्षकारों को नोटिस भेजकर सूचित किया गया था।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 13 पीठों का गठन किया गया था। सभी पीठों के पीठासीन पदाधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित मामलों का निष्पादन किया।
इस दौरान जिला प्रशासन के सहयोग से विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में गिरिडीह न्यायमंडल के सभी न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पारा लीगल वॉलिंटियर्स तथा बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, विभागीय अधिकारियों, न्यायालय कर्मियों, पारा लीगल वॉलिंटियर्स, मीडिया कर्मियों तथा पक्षकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
