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मधुपुर: अल्लामा अरशदुल कादरी के 25वें उर्स (सिल्वर जुबली) की तैयारियों को लेकर अहम बैठक संपन्न

अल्लामा अरशदुल कादरी का मिशन सुन्नियत की पहचान है, इसे जन-जन तक पहुँचाना हमारा सामूहिक कर्तव्य: मौलाना गुलाम रसूल बाल्यावी

मधुपुर : स्थानीय मदरसा सिराजुल उलूम, चांदमारी, मधुपुर में गुरुवार को ‘सिल्वर जुबली उर्स-ए-कायदे अहले सुन्नत’ की तैयारियों को लेकर उलेमा-ए-अहले सुन्नत और दानिशवराने कौम-ओ-मिल्लत की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व सांसद व मरकजी इदारा-ए-शरिया (पटना) के अध्यक्ष, गाजी-ए-मिल्लत हजरत मौलाना गुलाम रसूल बाल्यावी ने की।

मिशन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प

बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘रईसुल कलम’ हजरत अल्लामा अरशदुल कादरी (अलैहिर्रहमा) के 25वें उर्स को ऐतिहासिक बनाना और उनके मिशन को नई पीढ़ी तक पहुँचाना था। इस अवसर पर मधुपुर, सारठ, देवघर सहित आसपास के क्षेत्रों के वरिष्ठ उलेमा और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्य वक्ताओं के विचार

मौलाना गुलाम रसूल बाल्यावी: उन्होंने अपने सदारती संबोधन में कहा, “कायदे अहले सुन्नत का जीवन ‘इश्क-ए-रसूल’, देश की एकता और सुन्नियत की सुरक्षा के लिए समर्पित था। आज समय की पुकार है कि हम उनके संदेश के लिए अपना समय और काबिलियत समर्पित करें। यह उर्स आने वाली नस्लों के लिए मशाल-ए-राह साबित होगा।”

मौलाना अब्दुल मोबीन रिजवी (सुप्रीमो, राष्ट्रीय जन क्रांति मोर्चा): उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन केवल सजावट का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सुन्नियत की विचारधारा को जीवित करने और कौम को बेदार करने का एक ‘अहद’ (वादा) है।

तैयारी कमेटी और कोआर्डिनेटरों का गठन

उर्स के भव्य आयोजन के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें मधुपुर, सारठ, देवघर, पालोजोरी, सरवां, दुमका, साहिबगंज और पाकुड़ के क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

निगरानी और प्रबंधन दल:

प्रभारी: जियाउल हक टार्जन

कोआर्डिनेटर: अब्दुल मोबीन खान, शब्बीर अंसारी, मोहम्मद रफी, नूर मोहम्मद, सरफराज उर्फ बबलू, हसरत अंसारी, मौलाना जावेद, मौलाना मोहम्मद मुमताज, मौलाना खुर्शीद, मौलाना यासीन, मौलाना हबीबुल्लाह फैजी और मौलाना फारूक अहमद

बैठक के मुख्य निर्णय

भव्य आयोजन: 25वें उर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भव्यता के साथ मनाया जाएगा।

युवाओं की भागीदारी: हजरत के संदेश (इश्क-ए-रसूल और कौमी एकता) को आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं तक पहुँचाया जाएगा।

जनसंपर्क: गांव-गांव जाकर लोगों को इस मिशन से जोड़ा जाएगा।

बैठक के अंत में देश की सलामती, अमन-ओ-अमान और उर्स की कामयाबी के लिए विशेष दुआ मांगी गई। उपस्थित सभी उलेमा और समाजसेवियों ने इस मिशन को सफल बनाने का पूर्ण भरोसा दिलाया।

स्थान: मधुपुर, झारखंड

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