सूफी परंपरा मोहब्बत, अमन और भाईचारे का पैगाम देती है: मंत्री योगेंद्र प्रसाद
साड़म (बोकारो/झारखंड) झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद बुधवार (20 मई) की रात साड़म के इस्लाम टोला पहुंचे। वे यहाँ पाक दाता हजरत सैयदना रफीक शाह रहमतुल्लाह अलैहे के 52वें उर्स मुबारक के अवसर पर ‘ख्वाजा गरीब नवाज कमेटी’ द्वारा आयोजित शानदार कव्वाली कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर कमेटी के सदस्यों ने फूल-माला पहनाकर मंत्री जी का भव्य और आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद ने विधिवत फीता काटकर कव्वाली कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
गंगा-जमुनी तहजीब हमारी सबसे बड़ी ताकत: मंत्री
इस पावन अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा:
“उर्स और सूफी परंपरा सदियों से मोहब्बत, अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देती रही है। हमारी गंगा-जमुनी तहजीब ही इस देश की सबसे बड़ी ताकत है, जो पूरे समाज को एकता और सौहार्द के सूत्र में बांधे रखती है।”
उन्होंने तमाम क्षेत्रवासियों को उर्स मुबारक की दिली (पुरखुलूस) मुबारकबाद दी और इस शानदार व सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति की जमकर सराहना की।
चांद कादरी और साहिल अली साबरी के सूफियाना कलामों से गूंजा साड़म
उर्स के मौके पर आयोजित कव्वाली मुकाबले में देश के मशहूर कव्वाल चांद कादरी और साहिल अली साबरी के बीच शानदार मुकाबला हुआ। दोनों कव्वालों की बेहतरीन और रूहानी प्रस्तुतियों से पूरा साड़म क्षेत्र सूफियाना रंग, अकीदत (श्रद्धा) और भाईचारे की खुशबू से सराबोर नजर आया।
देर रात तक चले इस सांस्कृतिक व रूहानी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद (श्रद्धालु) और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने कव्वाली का भरपूर आनंद लिया और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली व तरक्की की दुआएं मांगी।
मुख्य बिंदु (Highlights):
- अवसर: पाक दाता हजरत सैयदना रफीक शाह रहमतुल्लाह अलैहे का 52वां उर्स मुबारक।
- आयोजक: ख्वाजा गरीब नवाज कमेटी, इस्लाम टोला (साड़म)।
- मुख्य अतिथि: श्री योगेंद्र प्रसाद (मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, झारखंड सरकार)।
- मुख्य कलाकार: मशहूर कव्वाल चांद कादरी और साहिल अली साबरी।
