टंडवा: टंडवा प्रखंड क्षेत्र के ग्राम सेरनदाग के ग्रामीण एशिया महादेश की सबसे बड़ी कोल परियोजना आम्रपाली कोल परियोजना के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन बाजार टांड़ में आज से शुरू करेंगे। एक कहावत आपने सुना होगा विधानसभा और न लोकसभा सबसे बड़ा ग्रामसभा। परंतु सेरनदाग ग्रामिणो का आरोप है की भ्रष्टाचार की जड़ इतना मजबूत है कि अधिकारी अपने टेबल पर बैठे बैठे बिना किसी भय के ग्रामीण जनता,मुखिया का भी फर्जी हस्ताक्षर एवम मोहर कर ग्राम सभा का रजिस्टर तैयार कर लिए थे। ग्रामीणों के द्वारा उपायुक्त के नाम से शिकायत आवेदन दिया गया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई परंतु एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर अंचल अधिकारी टंडवा के द्वारा 29 अगस्त को फिर से अनापत्ति हेतु ग्राम सभा का आयोजन किया गया जिससे ग्रामीणों में काफी उबाल है और अपनी तीनसुत्री मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए है।
तीन सुत्री मांग (1)फर्जी ग्राम सभा को आयोजित करने में संलिप्त कर्मचारियों/अधिकारियों पर कानून कारवाई हो। (2)फर्जी सी.बी एक्ट रद्द किया जाए।(3) भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 लागू किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हम सभीग्रामवासी विकास विरोधी नहीं है परंतु हमारे हक अधिकार का कुछ बिचोलियो एवं दलालों के द्वारा एक षड्यंत्र के तहत हड़पने की कोशिश की जा रही है जो कतई बर्दाश्त नहीं होगा ।अब देखना दिलचस्प होगा कि ग्रामीणों का आंदोलन से ऐसे भ्रष्टाचारियों पर क्या प्रभाव पड़ती है।
