भाजपा किसान मोर्चा ने किसान विरोधी हेमंत सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना का कार्यक्रम जिला मुख्यालय चतरा में किया।
चतरा: भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन चतरा जिला समाहरणालय के निकट किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष संजय कुमार सुमन की अध्यक्षता में की गई। एक दिवसीय धरना का कार्यक्रम किसान विरोधी हेमंत सरकार एवं किसानों के हित मे 5 सूत्री मांगों को लेकर किया गया। वही जिला अध्यक्ष संजय सुमन ने कहा कि जब से गठबंधन की सरकार बनी है तब से आज तक एक भी किसान के हित में काम सरकार नहीं की है अगर समय पर बीज उपलब्ध किसानों को करवा दिया जाता तो आज जितनी जमीन है बंजर पड़ी हुई है आज उस जमीनों हरी भरी रहती और इसका मूल्य बाजार में अच्छे मिलता है। पर हेमंत सरकार ने ऐसा नहीं कर के किसानों को कमर तोड़ने का काम किया गया है। आगे श्री सुमन ने कहा इस भ्रष्ट सरकार ने किसानों का जमीन फर्जी ग्राम सभा करके सैकड़ो एकड़ जमीन कंपनियो को देने का काम किया है। इसका उदाहरण टंडवा प्रखंड है। वहां का किसानों को पता नहीं है कि हमारी जमीनों को कब ग्राम सभा करके कंपनी हित में एनओसी दे दिया गया है आज वहां का किसान दर-दर ठोकर खा रहे हैं कोई सुनने वाला नहीं है।
तत्कालीन अंचल अधिकारी विजय दास के कार्यकाल में ग्राम सेरनगदाग में भी फर्जी किया गया था पर समय रहते हैं वहां के ग्रामीणों ने धर दबोचा और वहा पर आज भी आम्रपाली कोल परियोजना के हित में तावर तोड़ ग्राम सभा का तिथि निर्धारित कर के 11वीं बार ग्राम सभा किया गया वहा के ग्रामीणों ने बहिष्कार किया है। तानाशाही नहीं तो क्या कहा जाएगा जबकि नियम में यह कि जिस जमीन को पर कोयला या अबरक नही है और उस जमीन को किसान अपने स्वेच्छा पूर्वक किसी को नहीं देना चाहती है तो उस जमीन को कोई कंपनी यह प्रोजेक्ट नहीं ले सकता है तथा तीन ग्राम सभा अगर बहिष्कार कर दिया गया हो तो उस जमीनों को अभिग्रहण से मुक्त किया जाता है। पर झारखंड के तानाशाही सरकार ने ऐसा एक भी काम नहीं किया है। उसका परिणाम आने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में मुंह तोड़ जवाब देने का काम किसानों के द्वारा किया जाएगा।
जिला प्रभारी जगनू सिंह ने कहा कि इस वर्ष मानसून के दौरान झारखंड प्रदेश में औसत से अधिक वर्षा वर्षा के कारण प्रदेश के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। किसानों की फसलों को अत्यधिक क्षति पहुंची है,विशेष कर सब्जी की खेती करने वाले किसान अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। इस संदर्भ में,हम आपकी कृपा दृष्टि झारखंड के किसानों की निम्नलिखित समस्याओं एवं मांगों की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं। सब्जी की खेती में हुए नुकसान की भरपाई,अत्यधिक बारिश के कारण सब्जी की खेती करने वाले किसानों को अत्यधिक आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। अतः प्रखंड स्तर पर एक विशेष टीम गठित कर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और आपदा राहत के तहत प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। धान अधिप्राप्ति पर बोनस: वर्ष 2024-25 के धान अधिप्राप्ति सत्र में किसानों को प्रति क्विंटल ₹500 का बोनस प्रदान किया जाए। ताकि उन्हें इस आर्थिक संकट से उबरने में सहायता मिल सके और उनकी फसल लागत में राहत प्रदान किया सके। रबी सीजन के बीज पर 90% अनुदान: वर्षा से प्रभावित किसानों को आगामी रबी सीजन के लिए भेज 90% अनुदान पर उपलब्ध कराए जाए। ताकि वे फिर से खेती शुरू कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सके। अन्न बीज की सुलभता: मिलेट्स की बीज किसानों को सुलभ कराने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और इसे धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि किसान इन फसलों की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सके। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ: कई किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित रह गए है क्योंकि उनकी भूमि का लैंड सीडिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। अतः पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन कर इस समस्या का समाधान किया जाए और सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाया जाए।इस धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित जिला प्रभारी जगनू सिंह जी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, अरविंद कुमार सिंह, भोला साहू , सुमन सिंह जितेंद्र जैन शशिकांत तिवारी वही जिला प्रभारी जितेंद्र रजक, सुरेंद्र ठाकुर, बिनोद चौरसिया,श्याम नंदन सिंह, कामेश्वर गुप्ता,राजू राणा,ओम प्रकाश केशरी, सुरेश सिंह, मायानंद साहू , प्रभात सिंह, रिंकू सिंह, गौरी यादव, मुकुल गुप्ता, नीरज चंद्रवंशी,अन्य लोग उपस्थित हुए।
