Ranchi/ Hazaribagh : हजारीबाग में गुरुवार को एक चौकाने वाली घटना घटी है। सदर एसडीओ अशोक कुमार की पत्नी अनीता कुमारी (34) गुरुवार सुबह सात बजे गंभीर रूप से जल गयीं।
उन्हें बचाने में एसडीओ अशोक कुमार भी झुलस गये हैं। आग कैसे लगी, इसका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। दूसरी तरफ एसडीओ की पत्नी के भाई राजू कुमार गुप्ता ने लोहसिंघना थाना में आवेदन देकर एसडीओ और उनके परिजनों पर उनकी बहन को जलाने का आरोप लगाया हैं। थाना में दी गयी शिकायत में कहा गया है कि गुरुवार की सुबह 08.45 बजे मेरी छोटी बहन अनीता कुमारी के जलने के बारे में सूचना दी गयी। आनन-फानन में फिर फोन किया, तो पता चला कि आरोग्यम हॉस्पिटल हजारीबाग से रेफर कर दिया गया है। बोकारो BGS हॉस्पिटल लेकर जा रहे है, रास्ते में है, जबकि घटना कैसे घटी, कब हुई, यह नहीं बताया गया।
तारपीन तेल छिड़ककर जलाने का प्रयास किया
राजू गुप्ता ने कहा कि उन्हें यह पता चला कि यह घटना सुबह 07.00 बजे की है। जब हमलोग बोकरो BGS हॉस्पिटल पहुंचे, तो देखा कि मेरी बहन का शरीर और चेहरा काफी जल गया है। संबंधित हास्पिटल के डॉक्टर से मिलने पर बताया गया कि अनीता कुमारी का 65 प्रतिशत भाग जल गया है। राजू गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनकी बहन पर तारपीन तेल से छिड़ककर पति अशोक कुमार, उसके भाई शिवनदंन कुमार, रिंकु देवी और दुर्योधन साव ने षड्यंत्र रच कर जान मारने की कोशिश की।
पति अशोक कुमार का किसी दूसरी महिला से संबंध था।
राजू गुप्ता के अनुसार, मेरी बहन बार-बार बोलती थी कि मेरे पति अशोक कुमार का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। एक बार इस मामले में हमारे परिवारवालों नेअशोक कुमार के परिवारवालों के सात बैठकर बातचीत की. जिसमें अशोक कुमार ने कहा कि अगली बार से शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। फिर एक बार बीच में भी इसी मामले में दोनों पति-पत्नी में विवाद हुआ। इसके बाद फिर हमलोग उनके यहां पहुंचे, इस बार अशोक कुमार के द्वारा कहा गया कि जहां जाना जाओ तुमलोग मुझे फर्क नहीं पड़ता। मैं खुद अनुमंडल पदाधिकारी हूं। तुम सबको बर्बाद कर दूंगा।
मेरी बहन जान बचाने के लिए इधन-उधर भाग रही थी
राजू गुप्ता ने कहा कि इस घटना के बारे में जब पता करने का प्रयास किया तो जानकारी मिली कि जब जलाया जा रहा था, तो मेरी बहन जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रही थी, वह काफी चिल्ला रही थी।
काफी हो-हल्ला हो रहा है. पति अशोक कुमार, ससुर दूर्योधन साव, छोटे देवर शिवनंदन कुमार और छोटी गोतनी रिंकु देवी के द्वारा मेरी बहन को पकड़कर जलाया जा रहा था। जब इनलोगो को लगा कि यह मर जायेगी तो आनन फानन में हॉस्पिटल ले गये।
