मोक्ष प्राप्त कर गरीबों के दिलों में रहने वालें चलें गये दुनिया छोड़ के
नम आंखों के साथ सगे संबंधियों ने की विदाई व दाह संस्कार
टंडवा(चतरा)प्रखंड अंतर्गत आम्रपाली कोल परियोजना के विस्थापित गाँव कुमरांगकला निवासी पूर्व फॉरेस्टर सह समाजसेवी अवध नारायण दास उर्फ अवध चौधरी की मृत्यु 02 फरवरी की संध्या करीब 7:30 बजे अंतिम सांस राँची के रिम्स हॉस्पिटल में लिये। परिजनों ने बताया कि 02 फरवरी दिन रविवार को समय 8:20 बजे सुबह अचानक चक्कर आ जाने की वजह से गिरते-गिरते बगल में खड़े अवध चौधरी के उनके भतीजे तुरंत पकड़ लिए उसके बाद तबीयत खराब देख आनन-फानन में इलाज के लिए हजारीबाग अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत देख रांची रिम्स हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। वही इलाज के दौरान संध्या 7:30 बजे मृत्यु हो गई। 
आम्रपाली परियोजना के विस्थापित नेता राजेंद्र प्रसाद, धीरेंद्र प्रजापति,जीवन कुमार दास,पोकला उर्फ कसियाडीह पंचायत के मुखिया पति सह समाजसेवी गोपाल महतो, पंचायत समिति सदस्य राजेश चौधरी, समाजसेवी महेश महतो,गोपाल ओझा,लालकिशन यादव,पत्रकार कुन्दन पासवान,विक्रम ठाकुर, नॉलेज भारती, सुनील भुंइया,अजय मौर्या,उमेश राणा, सीताराम साव आदि ने शोक संवेदनाएं प्रकट किया। इनकी निधन से सभी की हृदय में दुःखी थी।
राजेंद्र प्रसाद ने बताते हुए कहा कि वह शुभ दिन जिस दिन माता सरस्वती की स्थापित हुई उस दिन उनकी स्वर्गवास हो जाना तथा जिस दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना की जा रही है उस दिन दाह संस्कार होना ये सब भागी किस्मत वालें की नसीब होती है। अच्छे व्यक्ति की मृत्यु के बारे में कहा जाता है कि उनके पुण्य कर्मों की वजह से उन्हें जल्दी मोक्ष की प्राप्ति व शुभ दिन की मुहूर्त प्राप्त होती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान अच्छे लोगों को जल्दी अपने पास बुलाते हैं।
कामेश्वर गुप्ता की रिपोर्ट,
