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इंडियन मुजाहिदीन के बाद ‘हिब्ज उत तहरीर’ से जुड़ा संदिग्ध आतंकी धनबाद से गिरफ्तार, झारखंड मॉड्यूल की जांच कर रही एटीएस

धनबादः आतंकी संगठन ‘हिज्ब उत तहरीर’ के झारखंड मॉड्यूल की जांच कर रही झारखंड एटीएस की टीम को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एटीएस की टीम ने एक ऐसे संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा हुआ था। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी अम्मार याशर को एटीएस ने पकड़ा है।

धनबाद के भूली ओपी अंतर्गत शमशेर नगर इलाके से अम्मार याशर को पकड़ा गया है। एटीएस की रिमांड पर आये आतंकी संगठन (HIZB -UT – TAHRIR) के सदस्य अयान जावेद ने पूछताछ में बताया है। इसके अलावा भी कई जानकारी अयान जावेद ने एटीएस को दी। गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य अम्मार याशर के पास से एटीएस ने कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किया है, जो की प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा है।

पांचवी गिरफ्तारी

झारखंड एटीएस की टीम ने आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर से जुड़े एक और संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। सबसे हैरत की बात यह है कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी पूर्व में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा हुआ था। झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि धनबाद से जुड़े केस में पांचवे संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार संदिग्ध का नाम अमार यसार है।

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2014 में हुआ था गिरफ्तार

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि अमार यसार को साल 2014 में राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसे इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकी के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। साल 2024 में जेल से बाहर निकालने के बाद अमार यसार एक बार फिर से आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया था। इस बार वह हिज्ब उत तहरीर से जुड़कर देश विरोधी कार्यो में संलिप्त था।

शनिवार को धनबाद से हुई थी गिरफ्तारी

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि झारखंड एटीएस की टीम ने धनबाद के अलीपुर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर गुलफाम हसन (21 वर्ष), भूली के आजाद नगर अमन सोसायटी से आयान जावेद (21 वर्ष), शमशेर नगर गली नंबर-3 से उसकी पत्नी शबनम परवीन (20 वर्ष) और मोहम्मद शहजाद आलम (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियो के पास से दो पिस्टल, 12 गोलियां, प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित कई किताबें और दस्तावेज के साथ आधा दर्जन से अधिक मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए हैं।

हिज्ब उत तहरीर का यरुशलम में हुआ था गठन

आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर का गठन 1953 में यरुशलम में हुआ था. आतंकी संगठन का मकसद विश्व में खलीफा यानी इस्लामिक स्टेट का स्थापना करना है। साल 2010 में भारत सरकार ने इस्लामी कट्टर पंथी समूह हिज्ब उत तहरीर पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस संगठन का मुख्य काम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें विभिन्न आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का होता है। आतंकी संगठन आतंकी गतिविधियों के माध्यम से लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों को उखाड़ कर भारत सहित दुनिया भर में इस्लामी राष्ट्र और खिलाफत स्थापित करने के लिए काम करता है।

 

 

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