कोयलांचल के लाखों ग्रामीणों ने सिंदूर ऑपरेशन के तर्ज पर टंडवा में भी ऑपरेशन का किया है मांग: परिजन
उग्रवादी व अपराधी के तर्ज पर कोल वाहन ने फिर बरपाया कहर, मांओं की गोद हो रही सूनी, बहनों का मिट रहा माथे का सिंदूर.. जिम्मेवार कौन…?
चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के टंडवा-सिमरिया मुख्य पथ स्थित बिंगलात समीप एक बार फिर तेज रफ्तार बेलगाम कोल वाहन ने कहर बरपाया है। कोल हाइवा ने अम्रपाली के विस्थापित गांव के दो युवकों को कुचल दिया। जिसमें एक युवक को मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। वही दूसरा युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। आक्रोश ग्रामीणों ने न्याय मांग को लेकर कोयला ढुलाई ठप कर दिया है। ट्रांसपोर्टरो ने मैनेजिंग के लापरवाही में सिमरिया-टंडवा क्षेत्र में कोल वाहनों से दहशत फैला रखी है। आए दिन होने वाले हादसों ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। मांओं की गोद सूनी हो रही है, बहनों का माथे से सिंदूर मिट रहा है, और नवजवान युवा सड़कों पर दम तोड़ रहे हैं। कई लोग हादसों का शिकार होकर अपाहिज जिंदगी जीने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने 12 घंटे तक नो इंट्री की मांग कर रहे हैं। सवाल उठता है कि… प्रशासन कब इन वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाएगा और कब निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे…? कोयला ढुलाई में विकास के आड़ में कब तक निर्दोष आम ग्रामीणों राहगीरों को हत्या होते रहेगी…? अन्य कोलवारी क्षेत्र में सीसीएल का कोयला ढुलाई के लिए अलग सड़क होती है, टंडवा में क्यों नहीं…?
