कामेश्वर गुप्ता
टंडवा (चतरा) आम्रपाली कोल परियोजना क्षेत्र स्थित बिंगलात में कोल वाहन के चपेट में आने से कुमरांग गांव के दीपक ओझा व गणेश प्रजापति नामक दो युवकों की हुई दर्दनाक मौत के बाद लगभग 28 घंटे तक सड़क में परिजनों द्वारा शवों को रखकर समुचित मुआवजा के लिये मशक्कत करना पड़ा।
आमलोगों में ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों की उदासीन रवैए से घोर आक्रोश देखा जा रहा था। गुरुवार शाम लगभग चार बजे घटनास्थल में पहुंचे विधायक उज्जवल दास की अध्यक्षता व पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता हुई जिसमें मृतकों के आश्रितों को 11 – 11 लाख रुपए एवं जब तक आम्रपाली परियोजना चलेगी तब तक आउटसोर्सिंग कंपनी में एक सदस्य को नौकरी दी जायेगी। इसके साथ हीं ये तय किया गया कि ट्रकों की भांति हायवा के परिचालन में भी समय- सीमा निर्धारित होगा। बेतरतीब परिचालन व कोल वाहनों की गति सीमा 20-25 किमी/घंटा हो इसके लिए वॉलिंटियर प्रतिनियुक्त किये जायेंगे। मृतक दीपक ओझा के परिजनों को इलाज में खर्च हुवे 1,81,000 रुपये अतिरिक्त राशि एवं घटना में क्षतिग्रस्त हुवे मोटरसाइकिल के बदले नई बाइक दी जायेगी। साथ हीं ग्रामीणों के आवागमन को सुलभ बनाने हेतु कुमरांग कला एवं कुमरांग खुर्द के बीच माइंस एरिया में ओबी भरवाकर एक रास्ता बनाया जायेगा। परिवहन एवं परिचालन व ठोस मुआवजा नीति बनाने की मांग कर रहे ग्रामीणों को ये आश्वस्त किया गया कि 2 जुलाई को जिला समाहरणालय स्थित सभागार में बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक ठोस नियमावली बनाकर धरातल पर उतारा जायेगा। परिजनों से सहमति मिलने के बाद मौजूद पुलिस ने शव को अंत्यपरीक्षण के लिए अपने साथ चतरा ले गई तथा कोल वाहनों का परिचालन पूर्ववत शुरू हो गया। इस मौके पर सीओ विजय दास, थाना प्रभारी उमेश राम, भाजपा नेता ईश्वर दयाल पांडेय, झामुमो नेता मनोज चंद्रा,जिप सदस्या देवंती देवी, विस्थापित नेता आशुतोष मिश्रा, दासो देवी, राजेन्द्र ओझा, महेश वर्मा, उपेन्द्र पांडेय, गोपाल ओझा, संदीप सिंह समेत कई लोग मौजूद थे।
