रांची: स्वांग सैलरी अवार्डी मजदूरों ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के CMD मुख्यालय के बाहर नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। “नौकरी नहीं तो मौत दो” के नारों के साथ दर्जनो मजदूरों ने CCL प्रबंधन को एक अंतिम पत्र सौंपा, जिसमें उनकी मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग की गई।
स्वांग सैलरी अवार्डी मजदूरो ने कहा कि बुटकी बाई व अन्य 41 स्लरी मजदूरों का स्थायी नियोजन अब तक नहीं किया गया है, जबकि उनकी जगह अन्य लोगों को नौकरी दी गई। उन्होंने प्रबंधन पर अनदेखी और कुप्रबंधन का आरोप लगाया। आगे कहा की पूर्व में 27 मई 2025 को बुटकी बाई व अन्य 41 मजदूर कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे थे। कथारा प्रबंधन एवं प्रखंड विकास अधिकारी बेरमो, थाना प्रभारी बोकारो थर्मल, थाना प्रभारी कथारा ओपी के समक्ष मौखिक एवं लिखित कहा गया की आप लोगों की पहचान संबंधित CGIT NO.1 धनबाद में लंबित है इसलिए स्वांग स्लरी पौंड में कार्यरत सही मजदूरों की पहचान कर नौकरी देने की मांग पर प्रबंधन के द्वारा लिखित जवाब दिया गया और अवगत कराया गया के संबंधित आवेदन को द्वारा पहचान की शीघ्रतम पुष्टि के लिए CGIT NO.1 धनबाद में लंबित याचिका विचारधीन है।
हम मजदूरो ने 30 जून 2025 को महाप्रबंधक कार्यालय में पत्रांक 975 के माध्यम से आवेदन और ऑर्डर की कॉपी जमा किए, परंतु प्रबंधन की और से कोई कार्यवाई नहीं की गई।
अवार्डी मजदूरो ने यह भी कहा है कि अगर 27 जुलाई तक सीसीएल हमे नियोजन नही देती है तो पुनः 28 जुलाई से कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष एक बार फिर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। और इस दौरान किसी तरह की कोई अप्रिय घटना घटती है तो, इसकी जबाबदेही कथारा महाप्रबंधक की होगी। हमारे परिवार भुखमरी की कगार पर हैं। अब हमारे पास और कोई रास्ता नहीं बचा।
आपको बता दें कि सीसीएल स्वांग के अवार्डी मजदूर अपने नियोजन की लड़ाई वर्ष 2010 से ही लड़ रहे हैं, और उन्हें अभी तक अपना हक़ और अधिकार नही मिला है।
मौके पर डिविजन सिंह, मुकुंद दूसाद, किट्टू रविदास, महेंद्र रजक, बुटकी बाई, दुर्योधन धोबी, छोटा माली, व अन्य शामिल रहे।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
