गिरिडीह: नालसा नई दिल्ली एवं झालसा रांची के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में आज गिरिडीह व्यवहार न्यायालय में आज 1 जुलाई से 30 सितंबर तक विशेष मध्यस्थता अभियान एवं 13 सितंबर को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। विशेष मध्यस्थता अभियान एवं राष्ट्रीय लोक अदालत सफल आयोजन हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के प्रकोष्ठ हॉल में सभी न्यायिक पदाधिकारी के बीच बैठक की गई। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा ने बताया कि 90 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति (MCPC) एवं 13 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन हेतु, जिला विधिक सेवा प्राधिकार तालुका अदालतों से लेकर उच्च न्यायालयों तक सभी उपयुक्त मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाएगा। जिसमें मध्यस्थता के लिए पात्र लंबित मामलों में दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा मामले, चेक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद मामले, सर्विस मेटर, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद मामले, ऋण वसूली मामले, विभाजन मामले, बेदखली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, अन्य उपयुक्त सिविल मामले, राजस्व प्रकरण शामिल हैं। मध्यस्थता का लाभ प्राप्त करने के हेतू जिस न्यायालय में मामला लंबित हो, वहां प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा मध्यस्थता अभियान 1 जुलाई से शुरू है। इस अभियान का उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों को सुलझाना और विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता को बढ़ावा देना है। यह अभियान समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर उन लोगों के लिए जो कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने में कठिनाई का सामना करते हैं। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

