सीएस के निरीक्षण पर एएनएम ने जताया विरोध, कहा जिस मुद्दे को लेकर करना था जांच उसकी चर्चा तक नही है।
गिरिडीह: जिले के बिरनी प्रखण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मंगलवार को गिरिडीह के सिविल सर्जन शेख मो जियाउल ने जांच किया। इस मौके पर उन्होंने ओटी, प्रसव कक्ष, जांच घर एवं अस्पताल कर्मियों की उपस्थिति भी जांच की। हालांकि जांच के दौरान कुछ ऐसे कर्मी जो अस्पताल में उपस्थित नही थे सूचना मिलते ही वे अस्पताल दौड़े आए। इस दौरान सिविल सर्जन ने वहां के चिकित्सा प्रभारी डॉ शेख मो ताजुद्दीन को भी ससमय कार्य करने एवं प्रतिदिन सभी की उपस्थिति बनाने का निर्देश दिया। वहीं अस्पताल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त बन्द एम्बुलेंस को लेकर उपायुक्त से शिकायत कर मरम्मत करवाने का निर्देश दिया। वहीं बीते दिनों निजी अस्पताल में मौत मामले पर चिकित्सा प्रभारी डॉ ताज को जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा तथा कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस मौके पर सिविल सर्जन ने कहा कि यहां पर जितने भी निजी अस्पताल है और गड़बड़ी है तो उसकी जांच कर अविलम्ब कार्रवाई करे ताकि किसी निर्दोष की मौत न हो।
वहीं इस मौके पर कार्य मुक्त हुए कर्मी एवं एएनएम ने सीएस के निरीक्षण को झूठा बताकर विरोध किया। बता दें कि बीते कई माह पूर्व दर्जनों एएनएम एवं अस्पताल कर्मियों को पूर्व सीएस एसपी मिश्रा के निर्देश पर चिकित्सा प्रभारी डॉ शेख मो ताजुद्दीन ने फर्जी प्रमाण-पत्र मामले को लेकर सेवामुक्त कर दिया है। जिसकी शिकायत को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से मिले और पुनः सेवा बहाल करने की मांग की थी। जिसके फलस्वरूप स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने सीएस को जांच अस्पताल का निरीक्षण का आदेश दिया था। इधर सेवामुक्त कर्मियों ने कहा सीएस जिस मामले को लेकर जांच करने अस्पताल पहुँचे उसकी चर्चा तक भी नही हुई और उन्होंने विरोध जताया। वंही इस संबन्ध में सीएस शेख मो जियाउल ने कहा मुझे कोई शिकायत नही मिली है मैं खुद औचक निरीक्षण करने पहुंचा हूँ। इस दौरान उन्होंने कहा यदि किसी कर्मी की कोई शिकायत किसी अधिकारी की है तो उसे सीएस से शिकायत करना चाहिए न कि अन्य से ।
