कुड़मी आंदोलन : कुड़मी को एसटी सूची में शामिल करने की मांग की जा रही है। अपनी मांग को लेकर समाज रेल टेका आंदोलन कर रहा है। इसका असर नजर आ रहा है। आंदोलनकारी पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़कर रेलवे पटरी पर बैठ ग्ए। इस वजह से कई ट्रेन का परिचालन रुक गया।
अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन शनिवार, 20 सितंबर से कुड़मी समाज के आह्वान पर शुरू हो चुका है। समाज की प्रमुख मांग है कि कुड़मी समुदाय को एसटी सूची में शामिल किया जाए। आंदोलन का असर धीरे-धीरे साफ दिखने लगा है और रेल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। रामगढ़ जिले के बरकाकाना स्टेशन पर शनिवार सुबह 8 बजे से आंदोलनकारियों का जत्था प्लेटफॉर्म नंबर दो पर धरने पर बैठ गया। इस दौरान कुर्मी समुदाय के लोग पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़कर स्टेशन परिसर में दाखिल हो गए और अपनी मांगों के समर्थन में पटरी पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। आंदोलनकारियों के इस कदम से स्टेशन पर यात्री परेशान नजर आए और रेल संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
रेल परिचालन पर असर
रेल रोको आंदोलन के कारण बरकाकाना-डेहरी ऑन सोन ट्रेन बरकाकाना से नहीं खुल सकी. आंदोलन के चलते 53348 बरवाडी-गोमो सवारी गाड़ी और 53357 बरकाकाना-डेहरी ऑन सोन सवारी गाड़ी को रद्द कर दिया गया. वहीं, 18309 जम्मू तवी-संबलपुर एक्सप्रेस को टोरी से लोहरदगा होते हुए रांची की ओर भेजा गया. इसके अलावा 13348 पटना-बरकाकाना पलामू एक्सप्रेस को शॉर्ट टर्मिनेट कर टोरी में ही परिचालन बंद करना पड़ा।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
बरकाकाना रेलवे स्टेशन में रेलवे जिला प्रशासन के पुलिस बल पुलिस पदाधिकारी काफी संख्या में तैनात है. इनमें एसडीपीओ पतरातु गौरव गोस्वामी, इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, इंस्पेक्टर नीलम भेंगरा, उमाशंकर वर्मा, अख्तर अली, निर्भय कुमार, जीआरपी थाना प्रभारी शमीम अंसारी, आरपीएफ इंस्पेक्टर टीस अहमद, सीओ पतरातु मनोज चौरसिया शामिल हैं।
रेल रोके जाने से यात्री परेशान
बरकाकाना रेलखंड के भंडारीदह रेलवे स्टेशन में बरकाकाना से आसनसोल जाने वाली पैसेंजर सुबह 7:00 बजे से खड़ी है। ट्रेन के अधिकांश यात्री सड़क मार्ग से धीरे-धीरे रवाना हो रहे हैं. सुबह 10:30 बजे तक ट्रेन स्टेशन में खड़ी ही थी. लगभग 3:30 घंटे से ट्रेन के यहां खड़े रहने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फुसरो से धनबाद जाने वाली यात्री बसों में काफी यात्री सड़क मार्ग से रवाना हुए. वही दर्जनों यात्री स्टेशन में जहां तहां बैठे हुए हैं।
