Home » News Update » मनोज कुमार राय का मुंबई में मौत झारखंडी एकता संघ के सहयोग से शव गांव भेजा गया।

मनोज कुमार राय का मुंबई में मौत झारखंडी एकता संघ के सहयोग से शव गांव भेजा गया।

झारखंड: रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य जाने वाले झारखंड प्रदेश के प्रवासी मजदूरों की मौत होने का सिलसिला नहीं थम रहा हैं। गिरिडीह जिला बिरनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पडरमनिया पोस्ट द्वारपहरी निवासी स्व• रामधनी राय के 35 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार राय का अचानक तबियत ख़राब हो गया। उन्हें बेहतर इलाज के लिए बाबा हॉस्पिटल बांद्रा में भर्ती कराया गया। जहाँ मनोज कुमार राय का इलाज के दौरान 24/09/2025 को मौत हो गया। मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम छागया एवं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार मनोज कुमार राय कुछ दिन पहले ही रोजगार की तलाश में मुंबई गए थे। मुंबई में वह ऑटोरिक्शा चलाते थे और अपने परिवार का भरन पोषण करता था। मनोज कुमार राय घर का अकेला कमाओ व्यक्ति थे। मनोज कुमार राय अपने पीछे पत्नी सोनू कुमारी और तीन नन्हे बच्चे पुत्री मासूम कुमारी, असमिता कुमारी और पुत्र मायुस कुमार को पीछे छोड़ गए। वहीं इस घटना की सूचना मृतक के गांव वालों ने 20 वर्षों से प्रवासी मजदूरों के हितार्थ में कार्य करने वाली संस्था झारखंडी एकता संघ के केन्द्रीय सदस्य तौफीक अंसारी और बोरीवली इकाई अध्यक्ष भीम कुमार गुप्ता को दिए। और शव को गांव ले जाने में मदद की अपील किए। संघ के बोरीवली इकाई अध्यक्ष भीम कुमार गुप्ता, अजय पंडित, शंकर साव, विनोद राय, निर्मल मण्डल, उमेश मण्डल, तुलसी राय, शंकर राय, पंकज रजक आदि तत्काल बाबा हॉस्पिटल पहुंचे और परिवार वालों एवं गांव वालों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। कागजी प्रक्रिया कराकर आर्थिक सहयोग के साथ पार्थिव शरीर को गांव भेजने में काफी मदद किए। और एम्बुलेंस से शव को पैतृक गांव भेजा गया। जरमुने पंचायत के पूर्व मुखिया सह् माले के क्रांतिकारी नेता संतोष कुमार रजक एवं झारखंडी एकता संघ के टीम द्वारा मृतक के परिवार वालों को झारखंड सरकार द्वारा ₹50,000/- सहयोग राशि दिलाया जाएगा।

 

मौत को लेकर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष असलम अंसारी सहित संघ के पदाधिकारियों ने दुःख प्रकट करते हुए कहा, कि झारखंड के प्रवासी मजदूरों का मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई प्रवासी मजदूरों की मौतें देश एवं विदेशों में हो चुकी है। झारखंड सरकार प्रवासी मजदूरों के हित में कुछ पहल नहीं कर पा रही है और मजदूरों का पलायन तेजी से लगातार हो रहा है। झारखंडी एकता संघ मुंबई अब तक लगभग 293 प्रवासी मजदूरों का शव गांव झारखंड भेज चुकी है। संघ 20 वर्षो से सरकार से प्रवासी कल्याण आयोग के गठन की मांग कर रही है। लेकिन सरकार इस पर मौन है। यह आयोग बनने से झारखंड प्रदेश के बाहर रोजगार के लिए गए प्रवासी मजदूरों का सुरक्षा एवं सहायता मिल सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

POll

क्या आप \"Live 11 News\" की खबरों से संतुष्ट हैं?

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal