चतरा जिला में कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों की चलती है नियम कानूनहै
कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों के मनमानी के खिलाफ अब ग्रामीण करेगें पत्रचार: राजेंद्र प्रसाद
टंडवा : चतरा जिले के टंडवा और कोयलांचल नगरी में कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों के आगे आम जनता त्राहिमाम कर रही है। जेआरएल, ओसेल और गोदावरी कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनी पब्लिक सड़कों को अपना कोल ढुलाई मार्ग बना लिया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने किया बैठक किया। कोल ट्रांसपोर्टिंग के खिलाफ अब लिखित शिकायत सौंप चतरा उपायुक्त व अन्य विभागों से जमदूत कोल हाइवा वाहनों पर अंकुश लगाने की माँग कर विरोध करेगें।
स्थानीय समाजसेवी रैयत राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि निषिद्ध रूप से पब्लिक सड़कों पर हाइवा द्वारा कोल ट्रांसपोर्टिंग करवाई जा रही है जिसका जाँच होने पर मैनेजिंग करने की मामला का पर्दाफाश होना तय है।
ओसेल कंपनी के लाइजनर प्रवेज और बंगाली स्वपन पर उग्रवादियों और अन्य को मैनेजिंग के नाम पर मोटी रकम वसूलने का आरोप स्थानीय समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद ने लगाया है। तथा जाँच करने की माँग किया है। जाँच पर कई सिंडिकेट का उजागर हो सकता है। टंडवा,मिश्रौल, सिमरिया, बगरा और चतरा के मुख्यालय सहित कई पब्लिक सड़कों पर कोल ट्रांसपोर्टिंग वाहन चल रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।जिसके कारण आये दिन लोगों की दुर्घटनाओं से अपाहिज़ व मौत हो रही है।
विभाग के अधिकारी और कई जनप्रत-निधि बने कटपुतली
इन मामलों में विभाग के अधिकारी और बड़े प्रतनिधि कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों के आगे कटपुतली बने हुए हैं। मामला उजागर ना करने के लिए ये अधिकारी और प्रतनिधि मोटी रकम लेते हैं। इससे आम लोगों में आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। आम जनता की मांग पर अधिकारी बने अनदेखा अधिकारी, आमजनता आवाज उठाती है तो दिया जाता है झूठा मुकदमा करने की धमकी,जनता बेबस देखा जाता है।
आम जनता की मांग है कि कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों पर लगाम लगाई जाए और पब्लिक सड़कों को सुरक्षित बनाया जाए। इसके लिए वे आंदोलन करने को भी तैयार हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार आम जनता की मांगों पर कितनी गंभीरता से ध्यान देती है।
