मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के सौजन्य से उद्यमी आदिवासी विकास केंद्र, हजारीबाग द्वारा संचालित 25 दिवसीय सिलाई एवं कढ़ाई विशेष घटक योजना (अनुसूचित जाति) प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आज चौपारण प्रखंड के पांडेबारा गांव में आयोजित समारोह के साथ हुआ। इस प्रशिक्षण में 20 अनुसूचित जाति महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का आयोजन 15 सितंबर से 12 अक्टूबर 2025 तक किया गया था। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को सिलाई-कढ़ाई की आधुनिक तकनीकों, डिज़ाइनिंग, निर्माण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग एवं विपणन की व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना था। प्रशिक्षण की शुरुआत में ही सभी प्रतिभागियों को आधुनिक सिलाई एवं कढ़ाई टूलकिट उपलब्ध कराए गए, जिन पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान ब्लाउज, पेटीकोट, सूट, शर्ट-पैंट आदि तैयार करने तथा उन पर कढ़ाई की उन्नत तकनीकें सिखाई गईं।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बो
र्ड, हजारीबाग के जिला उद्यमी समन्वयक श्रीश त्रिपाठी, उद्यमी आदिवासी विकास केंद्र की सचिव श्रीमती शर्मिला मिश्रा, कौसमो बुटीक की डायरेक्टर एवं डिजाइनर श्रीमती नेहा झा, पांडेबारा के पूर्व मुखिया विनोद कुमार पांडेय, चौपारण प्रखंड उद्यमी समन्वयक श्री सुरेश चंद्र महतो, मास्टर ट्रेनर शशी गुप्ता, सहायक ट्रेनर अंजली देवी, डी.एस. हौजरी के संस्थापक एवं सफल उद्यमी ढालेश्वर साहू सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

वक्ताओं ने कहा कि सिलाई एवं कढ़ाई से जुड़ी पारंपरिक कला को आधुनिक प्रशिक्षण से एक नई दिशा मिली है। यह प्रशिक्षण न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला उद्यमिता एवं रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। सफल प्रतिभागियों को प्रशिक्षण संस्था द्वारा सिलाई-कढ़ाई उत्पाद के वर्क ऑर्डर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा विभिन्न मेलों में भाग लेने का अवसर भी दिया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड के सहयोग से चौपारण में सिलाई एवं कढ़ाई लघु उत्पादन इकाई स्थापित की जाएगी। इसमें प्रशिक्षित महिलाएं विभिन्न उत्पादों का निर्माण कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
