तेनुघाट — तेनुघाट व्यवहार न्यायालय परिसर में 5 दिसंबर को शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में तेनुघाट के वरीय अधिवक्ता पवन कुमार के निधन पर शोक प्रकट किया गया। आयोजित शोक सभा में जिला जज प्रथम फहीम किरमानी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा, महासचिव वकील प्रसाद महतो सहित अधिवक्तागण शामिल थे। बताते चलें कि, व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला जज प्रथम फहीम किरमानी ने आयोजित शोक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दिवंगत पवन कुमार वर्ष 1993 से तेनुघाट में अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रहे थे। वे लगभग 60 वर्ष की आयु के थे। उनके निधन से हम सभी मर्माहत है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। कहा कि दिवंगत पवन कुमार मृदभाषी, व्यवहारिक और अपराधिक मामलों के अच्छे जानकार के साथ सरल व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी मृत्यु से न्याय जगत को अपूरणीय क्षति कारित हुई है। इससे पूर्व अधिवक्ता संघ भवन में संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा की अध्यक्षता में शोक सभा की गई। शोक सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि दिवंगत पवन कुमार बहुत ही मिलनसार व्यक्तित्व थे। वे सभी से सुख दु:ख में मिलते रहते थे।। पिछले कुछ दिनों से वे बीमार थे। उनका इलाज चल रहा था। वे अपने पीछे अपनी पत्नी सुमित्रा देवी, एक पुत्र विपुल रंजन, दो पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। संघ के महासचिव वकील प्रसाद महतो ने कहा कि संघ के वरीय सदस्य के निधन पर आज संघ के सदस्यों ने अपने आप को न्यायिक कार्यों से अलग रखा। उन्होंने बताया कि दिवंगत पवन कुमार जो की एक अच्छे वकील थे और नए अधिवक्ता उनके कार्य से काफी प्रभावित रहते थे। दिवंगत अधिवक्ता के परिवार को संघ द्वारा मिलने वाली आर्थिक मदद की जाएगी। शोक सभा में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के कुटुंब न्यायालय प्रेमनाथ पांडेय, जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी, जिला जज तृतीय नीरज कुमार, एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति, एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल, मुंसिफ शिवराज मिश्रा, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष वेंकट हरि विश्वनाथन, संयुक्त सचिव शंकर ठाकुर, चन्द्रशेखर प्रसाद, राम विश्वास महथा, बासु कुमार दे, बीरेंद्र कुमार सिन्हा, राम बल्लभ महतो, जगदीश मिस्त्री, सुरेश तिवारी, इरफान अंसारी, अर्जुन सिंह, रमेंद्र कुमार सिन्हा, चेतनानंद प्रसाद, शिव कुमार प्रसाद वर्मा, पी सी दास, सहित संघ के अधिवक्तागण मौजूद थे। शोक सभा में शामिल सभी गणमान्य जनों ने दो मिनट का मौन रख कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की।

