चतरा जिले के टंडवा सेरनदाग गांव में आम्रपाली प्रबंधन द्वारा रेलवे लाइन व साइडिंग निर्माण को ले सेरनदाग में अनापत्ति प्रमाण पत्र का 18वीं बार ग्रामसभा का लेटर जारी होते ग्रामीणों ने सीबीआई जांच का उठा मांग। सेरनदाग गांव के सेकड़ो एकड़ भूमि पर आम्रपाली परियोजना द्वारा फर्जी सेक्शन लगा कर रेलवे साइडिंग निर्माण का 19 दिसंबर को आयोजित ग्रामसभा के विरोध में तीन सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन एवम धरना प्रदर्शन पर बैठा। प्रबंधन के मनमानी व ग्राम सभा के विरोध में सेरनदाग के सभी संचालित प्रतिष्ठान, दुकान एवम निजी विद्यालय स्वेच्छा पूर्वक बंद किया। ससमर्थं मर महिलाओं ने भी अपने अपने घर का चूल्हा चौका बंद कर धरना पर बैठी है। ग्रामीणों का तीन सुत्री मांग से जुड़ा है मामला। ग्रामीणों की मांगों में पूर्व में फर्जी ग्राम सभा कराने में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने,रेलवे लाइन के लिए अति आवश्यक भूमि का सही चिन्ह कर पुनः नया मैप तैयार किया जाए तथा अनावश्यक रूप से सैकड़ो एकड़ भूमि पर लगाए गए कोल बेरिंग एक्ट के तत्काल निरस्त किया जाए ताकि ग्रामीण जनता का बेवजह विस्थापन ना हो।, आम्रपाली कोल परियोजना के अंतर्गत रेलवे साइडिंग निर्माण हेतु अनापत्ति प्रदान करने के लिए प्रस्तावित/आयोजि ग्राम सभा ग्रामीणों की समस्याओं का समुचित समाधान होने तक तत्काल स्थगित रखा जाए। अनशनकारियों गणेश प्रसाद साहू उर्फ ललित साहू, मनोज कुमार, त्रिवेणी साहू, धनेश्वर साव,कैलाश साहू, अशोक प्रसाद साहू, उमेश कुमार, धनेश्वर साहू, विसुन साहू,खिरोधर साहू ने पूरे ग्रामीण की उपस्थिति में पूरे गांव भ्रमण करते हुए मंदिर परिषद के पास अनशन पर बैठे। खबर लिखे जाने तक स्थानीय मुखिया सरिता देवी, पंसस राजेश चौधरी, उप मुखिया प्रेम कुमार महतो, महिला,पुरुष,बूढ़े बच्चे समेत पूरे ग्रामीणों ने धरना स्थल पर डटे हुए थे। मौके पर उपस्थित झामुमो जिला अध्यक्ष सह कबरा पंचायत मुखिया निलेश ज्ञानसेन उर्फ सोनू सिंह, जिला परिषद सदस्या देवंती देवी, पूर्व विधायक प्रत्याशी रामावतार राम समेत कई समेत कई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

