विगत 3 जनवरी को सीएमआर के माइका मजदूरों द्वारा यूनियन नेताओं की पहल पर श्रम कार्यालय को की गई एक लिखित शिकायत के आलोक में गिरिडीह के नव पदस्थापित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कार्यालय सहकर्मी नंदू प्रसाद एवं अन्य के साथ तथा यूनियन नेता राजेश यादव की मौजूदगी में सीएमआर फैक्ट्री पहुंचकर वस्तु स्थिति का जायजा लिया।
मालूम हो, मजदूरों ने कई बिंदुओं में लिखित शिकायत पत्र श्रम अधीक्षक के नाम देकर राजेश यादव की अगुवाई में श्रम अधीक्षक से मुलाकात की थी। इस शिकायत पत्र में निर्धारित से कम मजदूरी भुगतान, कार्यस्थल की बदतर स्थिति सहित कई अन्य आरोपों का उल्लेख था। इस मुलाकात के दौरान श्रम अधीक्षक प्रवीण कुमार द्वारा तत्काल गिरिडीह के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को फैक्ट्री जाकर जांच का आदेश दिया था।
इसी आलोक में सोमवार को श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने फैक्ट्री जाकर मजदूरों की शिकायतों के आलोक में सभी बिंदुओं पर जानकारी ली गई। इस क्रम में फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा अपना पक्ष रखते हुए यह भी बताया गया कि, श्रम कार्यालय में शिकायत के उपरांत फैक्ट्री प्रबंधन तथा मजदूरों के बीच कुछ मौखिक समझौता हुआ है। इस पर असंतोष जाहिर करते हुए श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने फैक्ट्री प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि, शिकायत लिखित रूप से की गई है, इसलिए यदि इससे संबंधित कोई भी समझौता हुआ है, तो उसे लिखित संपन्न कराकर अविलंब विभाग को सूचित करें। फैक्ट्री प्रबंधन ने इस पर सहमति जताते हुए लिखित समझौतानामा कार्यालय को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
वहीं मौके पर मौजूद यूनियन नेता राजेश यादव ने कहा कि, मजदूरों के साथ शोषण कोई नई बात नहीं है। प्रबंधन को चाहिए कि, उनकी शिकायतों को स्वयं से दूर करें। अन्यथा, ऑल इंडिया फोटो ब्लॉक तथा ‘टीयूसीसी’ आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को शिकायत के आलोक में अविलंब जांच संपन्न कर दिए गए जरूरी निर्देश के लिए धन्यवाद दिया।
शिकायत करने वाले सीएमआर के मजदूरों में मुख्य रूप से मो. सिकंदर, कासिम अंसारी, जितेंद्र शर्मा, फलेश्वर यादव, शंकर राम, अवधेश सिंह, संतोष वर्मा, श्याम विश्वकर्मा, मो. परवेज, जितेश मिश्र सहित अन्य थे।
