माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा DAWN (Drug Awareness and wellness Navigation For a Drug Free India) Scheme 2025 की शुरूआत की गई है, एवं झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में हर एक जिले में एक DAWN यूनिट की स्थापना की गई है। इसके अनुपालन में गिरिडीह जिला में भी एक यूनिट का गठन किया गया है। जिसमें न्याययिक पदाधिकारीगण, जिला प्रशासन के पदाधिकारीगण, पैनल अधिवक्ता एवं पारा लीगल वोलेटियर्स शामिल हैं।

इसी क्रम में राष्ट्रीय युवा दिवस के दिन, दिनांक : 12 जनवरी 2026 को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में ड्रग्स के दुषप्रभाव और उसके रोकथाम के लिए हम क्या योगदान कर सकते है आदि विषयों पर विस्तापूर्वक चर्चा की गई।
इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा ने बताया कि ड्रग्स हमारे समाज और हमारे युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है। नशीली दवाएँ न केवल व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से बर्बाद कर देती है बल्कि उनके परिवार और समाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। ड्रग्स के सेवन से अपराध, हिंसा और सामाजिक समस्या बढ़ जाती है।
इस कार्यशाला में उपस्थित सभी स्टेक होल्डर्स विशेषकर युवाओं को व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर लोगों को ड्रग्स के दुरूपयोग के प्रति जागरूक करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। देशव्यापी हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल के बारे में जागरूकता किया गया जैसे कि (A) ड्रग्स से जुड़े अपराधों – ड्रग्स की तस्करी, गैर-कानूनी खेती, या ड्रग्स से जुड़े अन्य मामलों की रिपोर्ट करने के लिए MANAS – नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 और पोर्टल www.ncbmanas.gov.in (B) ड्रग्स की लत से छुटकारा पाने के लिए री-हैबिलिटेशन और काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन नंबर 14446है।
इस मौके पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह मोहम्मद सफदर अली नैयर और कार्यक्रम में उपस्थित वक्तागण डॉक्टर फैजल अहमद, लीगल एड काउंसल्स ने बतलाया कि ड्रग्स / नशीली दवाओं के रोकथाम के लिए हमें साझा प्रयास से कई ठोस कदम उठाने होंगें। सबसे पहले आज की युवा पीढी को ड्रग्स के खतरे के बारे में जागरूक करना होगा। उन्हें सही और गलत के बीच का अंतर सिखाना होगा तथा नशीली दवाओं से दूर रहने के लिए प्रेरित करना होगा। जो लोग इसकी लत में पड़ चुके है उन्हें ड्रग्स से मुक्ति पाने में मदद करनी होगी। ड्रग्स के रोकथाम और ड्रग्स पीडितो के पुनर्वास के लिए भी हमें एकजुट होकर काम करना होगा. साथ ही ड्रग्स के अवैध कारोबार के कारको (Factors) को चिन्हित कर उन्हें समाप्त करने के लिए कदम उठाने पड़ेगें । इस दौरान एनजीओ अभिव्यक्ति फाउंडेशन के द्वारा कार्यक्रम में एक नाटक का भी मंचन किया गया । इस कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारी गण, विभिन्न स्कूलों के छात्र- छात्राएं, अधिवक्ता गण और पैरा लीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे ।
