चतरा: भारत की आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण अर्थात् मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन चतरा द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह प्रशिक्षण निदेशक-सह-मुख्य प्रधान जनगणना पदाधिकारी, जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड, रांची के निर्देशों के अनुसार चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम के तहत जिला, उप-मंडल, चार्ज, अपर चार्ज एवं शहर जनगणना पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण 10 मार्च 2026 से 11 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। वहीं, जिला एवं चार्ज स्तर के तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण की निरंतरता बनाए रखने के लिए 12 मार्च 2026 को अलग से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण का आयोजन जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट सह प्रशिक्षण भवन हॉल, चतरा में किया जा रहा है। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन उपायुक्त कीर्तिश्री द्वारा किया गया। उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। इसलिए सभी पदाधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान दी गई जानकारी को गंभीरता से ग्रहण कर अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करना चाहिए।
उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना जनगणना प्रक्रिया का मूल आधार है। इसे पूरी पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता के साथ पूरा करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आगामी जनगणना कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
प्रशिक्षण सत्रों में जनगणना से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रायोगिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसमें डिजिटल उपकरणों का उपयोग, डेटा संकलन की प्रक्रिया, मानचित्रण तथा अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर फोकस किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया सह जिला परिवहन पदाधिकारी माहेश्वरी प्रसाद, डीआरडीए निदेशक अलका कुमारी सहित सभी संबंधित पदाधिकारी, प्रशिक्षकगण एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
