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जुल्म व आतंकवाद के खिलाफ पैगाम ए इन्सानियत कार्यक्रम का आयोजन 

शहीद अयातुल्लाह खामनाई को खिराजे-ए-अकीदत, परिचर्चा व सर्वधर्म सभा अंजुमन मुसाफिरखाना में 

जंग हिंदू मुस्लिम, शिया सुन्नी नहीं बल्कि इंसानियत बचाने की जंग है 

 

रांची: रांची अंजुमन मुसाफिरखाना में आज दिनांक 11 मार्च 2026 को अमेरिका और इजराइल की साम्राज्यवादी तानाशाही के खिलाफ एक आवाज, मासूम बच्चों के हत्यारों के खिलाफ और दूसरे देशों की सम्प्रभुता पर हमले के खिलाफ एक आवाज ईरान पर हमले के विरोध में, मजलूमों की आवाज

शहीद आयतुल्ला सैयद अली खामनाई को एक खिराज-ए-अकीदत(श्रद्धांजलि) सभा का आयोजन किया गया। इस सभा को युवा समाजसेवी सैयद फराज अब्बास ने सजाया। इस सभा में सर्वधर्म के लोग शामिल हुए। सभी ने एक आवाज में कहा हम साम्राज्यवाद, आतंकवाद, जालिमों के खिलाफ़ हैं। अमेरिका और इजरायल एक आतंकवाद देश हैं जिन्होंने पूरी दुनिया पर अपनी धाक चलाने की कोशिश कर रही है। वहीं झारखंड वफ बोर्ड के सदस्य मौलाना सैयद तजीबुल हसन रिजवी ने इंसानियत सभा को संबोधित करते हुए कहा के अमेरिका यह कोशिश किया कि शिया सुन्नी को आपस में लड़ाया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ फिलिस्तीन और गाजा के लिए ईरान लड़ा। यह जंग हिंदू, मुस्लिम, शिया, सुन्नी की नहीं बल्कि इंसानियत को बचाने की जंग है, जिसे ईरान लड़ रहा है। हम लोग देश के वफादार कल भी थे और आज भी हैं। वही झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य वारिस कुरैशी ने पैगाम ए इंसानियत सभा को संबोधित करते हुए कहा के अमेरिका की गुंडागर्दी बढ़ती चली गई, इस जालिम के आगे कोई बोलना नहीं चाहता। जालिम का अगर कोई मुकाबला कर रहा है तो वह ईरान है। पूरी इंसानियत और मजलूमों की आवाज उठाने वाले का नाम आयतुल्लाह खामनाई है। इस जंग से हम उम्मीद कर रहे थे कि तुर्की ईरान का साथ देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अमेरिका और इजरायल इंसानियत का दुश्मन है। वही अंजुमन इस्लामिया रांची के महासचिव डॉक्टर तारिक अहमद ने कहा के हम ईरान के सुप्रीमो की शहादत को सलाम करते हैं। जिसने जालिम के आगे अपना सर नहीं झुकाया। जब भी किसी देश के साथ परेशानी आती है तो ईरान उसके साथ खड़ा रहता है। वहीं अंजुमन इस्लामिया रांची के पूर्व अध्यक्ष समाजसेवी इबरार अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान में जो भी शहीद हुए हम उन्हें श्रद्धांजलि पेश करते हैं। यह कोई हिंदू, मुस्लिम, शिया, सुन्नी की जंग नहीं बल्कि इंसानियत की जंग ईरान लड़ रहा है। पूरी दुनिया के संसाधनों पर अमेरिका कब्जा करना चाहता है। इसके खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी। हम लोगों से अपील भी करते हैं कि अमेरिका और इजरायल के समान का पूरी तरह से बॉयकॉट करें। वही सीख समाज को प्रतिनिधित्व करने वाले प्रोफेसर हरविंदर वीर सिंह ने कहा के अमेरिका एक जालिम देश है जिन्होंने 170 बच्चियों को मौत के घाट उतार दिया। हर हिंदुस्तानी को अमेरिका की निंदा करनी चाहिए हम ख़ामनाई जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वहीं माले के शुभेंदु सेन जी ने कहा कि साम्राज्यवाद के खिलाफ हर एक को आवाज बुलंद करनी चाहिए। आज यूनो जैसा संगठन भी खामोश है। वही सांझा मंच के अम्ल पांडे, सीपीआई एम के प्रकाश विप्लव, एम जेड खान, हाजी फिरोज जिलानी, प्रोफेसर आगा जफर, झामुमो नेता जुनैद अनवर, सोहेल सईद ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। आखिर में एक प्रस्ताव पारित किया गया कि अमेरिका और इजरायल के प्रोडक्ट का पूरी तरह से बैकवर्ड किया जाए। जिसे वहां उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई। इस मौके पर सैयद फराज अब्बास, मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी, इबरार अहमद, अमल पांडे, डॉ तारीक अहमद, वारिस कुरैशी, प्रोफेसर हरविंदर वीर सिंह, नदीम खान, हाजी फिरोज जिलानी, प्रोफेसर आगा जफर, मास्टर उस्मान, सैयद नेहाल हुसैन सरियावी, जुनैद अनवर, भूपेंद्र, शादाब, सोहेल सईद, सैयद हसनैन जैदी, अफसर खान, समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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