हजारीबाग | 12 मार्च, 2026: सुनील भास्कर पुलिस महानिरीक्षक (IG), उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग के सभागार में एक उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रक्षेत्र के सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए। बैठक के दौरान आईजी ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश:
1. महिला एवं बाल सुरक्षा पर विशेष जोर:
गुमशुदा बच्चे: बच्चों की गुमशुदगी के मामले में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उनकी बरामदगी के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
पोक्सो (POCSO) मामले: लैंगिक अपराधों से संबंधित कांडों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल कर कांड के निष्पादन का आदेश दिया गया।
2. तकनीक और अनुसंधान में सुधार:
ई-साक्ष्य संकलन: झारखंड सरकार द्वारा अनुसंधानकर्ताओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने हेतु आवंटित राशि से अविलंब हैंडसेट क्रय कर वितरित करने को कहा गया, ताकि डिजिटल साक्ष्य संकलन (e-evidence) को बढ़ावा मिले।
रक्षक ऐप: एंटी-क्राइम और वाहन चेकिंग की हर प्रविष्टि ‘रक्षक ऐप’ में अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया गया।
3. नक्सलवाद और संगठित अपराध पर प्रहार:
एंटी-नक्सल अभियान: आईजी ने निर्देश दिया कि नक्सल विरोधी अभियानों में जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वयं भी समय-समय पर नेतृत्व करें।
पुरस्कार उद्घोषणा: सक्रिय नक्सलियों और संगठित गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध इनाम की घोषणा करने की कार्रवाई तेज करने को कहा गया।
संपत्ति कुर्की: BNSS की धारा-107 के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त और कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
4. आगामी त्योहारों और सामाजिक सुरक्षा हेतु सतर्कता:
त्योहारी सीजन: आगामी मंगला जुलूस, ईद, सरहुल और रामनवमी को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और अवैध शराब के तस्करों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया।
अफवाहों पर लगाम: बच्चा चोरी की अफवाहों को रोकने के लिए वीडियो क्लिप के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना डायल-112 पर देने हेतु प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
5. पुलिस कार्यप्रणाली और जवाबदेही:
थाना प्रभारियों पर गाज: यदि किसी थाना क्षेत्र में एक ही प्रकार के अपराध बार-बार होते हैं, तो संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध दंडात्मक अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
सत्यापन अभियान: जेल से छूटे अपराधियों, होटलों और लॉज में ठहरने वाले बाहरी व्यक्तियों का नियमित सत्यापन करने और कोर्ट की सुरक्षा का ऑडिट (Security Audit) करने का निर्देश दिया गया।
आईजी का संदेश: “अपराध नियंत्रण में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वारंट और कुर्की के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाएं और अधिक से अधिक मामलों में ‘स्पीडी ट्रायल’ शुरू कराकर अपराधियों को सजा दिलाना सुनिश्चित करें।”
