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गोमो में ट्रेन में चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 6 को पुलिस ने दबोचा

Dhanbad (गोमो): गोमो आरपीएफ और गोमो रेल पुलिस के संयुक्त प्रयास से सहसी गैंग के छह अंतरराज्यीय चोरों को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपी हरियाणा के करनाल के निवासी है. गैंग का करीब 20 से 25 टीम पूरे भारतीय रेल में ट्रेन में चोरी करने का काम कर रहा है. सभी गैंग में 5 से 6 सदस्य है. रेल थाना प्रभारी शाहजहां खां ने पत्रकारों को बताया कि 15 फरवरी 2026 को डॉ दीक्षाभूमि एक्सप्रेस में पारसनाथ स्टेशन पर उतरने के क्रम में सार्थक जैन का ट्रॉली बैग चोरी हो गया था।

कोच के सीसीटीवी से पकड़ाए चोर

पुलिस ने कोच का सीसीटीवी फुटेज कोल्हापुर से मंगवाया. फुटेज के आधार पर पुलिस चोरों की तलाश कर रही थी. पुलिस को मंगलवार की शाम उस गैंग के गोमो आने की सूचना मिली. सभी आरोपी गोमो के एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे. आरपीएफ और रेल पुलिस की टीम ने मंगलवार की आधी रात को गेस्ट हाउस में छापामारी कर छह लोगों को पकड़ लिया. पूछताछ के क्रम में आरोपियों ने अपना नाम महेंद्र सिंह, राजेश कुमार, अजय कुमार, कुलदीप सिंह, जगदीश और राजीव बताया. सभी हरियाणा के करनाल के निवासी हैं.

चोरों के पास से वर्दी भी बरामद

आरोपी दिल्ली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पटना, कोलकाता, गोमो, कोडरमा, बंडेल, आसनसोल और राजस्थान में ट्रेन में चोरी की घटना को अंजाम दे चुके हैं. सभी आरोपी पूर्व में जेल की हवा भी खा चुके हैं. ये लोगों गोमो के उक्त गेस्ट हाउस में इससे पहले भी कई बार ठहर चुके हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल, 61300 रुपये, दो जोड़ा वर्दी का पैंट और एक वर्दी का कमीज, चार पिटठू बैग, कपड़ा, ट्रॉली बैग खोलने वाला चाभी बरामद किया है. आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय भेजा जाएगा.

अजय है मास्टरमाइंड, मांग रहा था माफी

सभी आरोपी हाथ जोड़कर आरपीएफ से माफी मांग रहे थे. वे लोग कह रहे थे कि सर गलती हो गई. अब दोबारा नहीं करेंगे. एक बार माफ कर दीजिए. ट्रेन में जब घटना को अंजाम देना रहता था तो सभी एक ही जगह भीड़ लगा देते थे. अजय अपने पास एक चाभी रखता है. जिससे वह कोई भी ट्रॉली बैग आसानी से खोल कर रुपये और जेवरात निकालकर अपने दूसरे साथी को थमा देता था. वही मास्टरमाइंड है.

आठ वर्षों से कर रहे थे चोरी

यह गैंग पिछले आठ वर्षों से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में ट्रेनों में चोरी की घटना को अंजाम दे रहा था. घटना को अंजाम देने के बाद सभी इलाका छोड़ देते थे. जिससे पुलिस कर्मियों को चोरी के मामले का उद्वेदन करने में पसीना छूट जाते थे. छापेमारी दल में रेल थाना प्रभारी शाहजहां खा, आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर साकिब आलम, सब इंस्पेक्टर आनंद आलोक, एएसआई सुशील कुमार, एएसआई विकास कुमार, एएसआई उमापति सिंह, अमित कुमार, प्रभात कुमार, टी टुडू, शशि भूषण चौबे टीम में शामिल थे।

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