तेनुघाट (बेरमो): अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बी एन सिंह (SDPO), बेरमो की अध्यक्षता में तेनुघाट स्थित उनके कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे थानों के प्रभारियों के साथ लंबित सभी नक्सल मामलों के अनुसंधान की विस्तृत समीक्षा की गई। 
बैठक के दौरान SDPO ने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कई कड़े व आवश्यक निर्देश दिए:
📄 ससमय आरोप पत्र और दोषसिद्धि पर जोर
बैठक में निर्देश दिया गया कि वर्तमान में जेल में बंद दुर्दांत नक्सलियों के विरुद्ध ठोस और मजबूत साक्ष्य (Evidence) संकलित किए जाएं। अभियोजन पक्ष के माध्यम से न्यायालय में समय पर आरोप पत्र (Charge Sheet) प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा (दोषसिद्धि) सुनिश्चित कराई जा सके।
💰 मुआवजे के लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन
नक्सली हिंसा का शिकार हुए मृत व्यक्तियों के आश्रितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए SDPO ने निर्देश दिया कि मुआवजे के जितने भी लंबित मामले हैं, उनका शीघ्र निष्पादन किया जाए। पीड़ितों के परिवारों को शत-प्रतिशत मुआवजे का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित करने की बात कही गई।
🤝 पुनर्वास नीति का शत-प्रतिशत लाभ
सरकार की आत्मसमर्पण नीति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कहा गया कि जिन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, उन्हें झारखंड सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले सभी लाभ और मुआवजे का समय पर भुगतान किया जाए। इससे जुड़े सभी विवादों या दिक्कतों का तुरंत निराकरण करने का आदेश दिया गया है।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित पदाधिकारी:
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी शामिल रहे:
- श्री जितेन्द्र कुमार (पुलिस निरीक्षक, गोमिया)
- थाना प्रभारी, जागेश्वर बिहार
- थाना प्रभारी, चतरोचट्टी
- थाना प्रभारी, ललपनिया
- थाना प्रभारी, पेंक-नारायणपुर
- एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी।
झारखंड पुलिस द्वारा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।
