स्थान: जिनेवा/किंशासा
संपादक: लाइव 11 न्यूज डेस्क
- कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा।
- अफ्रीका CDC के मुताबिक अब तक 87 से अधिक लोगों की मौत, 336 से ज्यादा संदिग्ध मामले।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ (PHEIC) घोषित किया।
- वायरस के ‘बुंदीबुग्यो’ (Bundibugyo) स्ट्रेन की पुष्टि, जिसकी कोई सटीक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
जिनेवा/किंशासा। कोरोना और मंकीपॉक्स के बाद अब दुनिया पर एक बार फिर जानलेवा ‘इबोला वायरस’ का खतरा मंडराने लगा है। अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और पड़ोसी देश युगांडा में इबोला वायरस के मामले सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आपात बैठक बुलाई। रविवार को WHO के महानिदेशक ने इस प्रकोप को ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’ (Global Health Emergency) घोषित कर दिया है।
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया के मुताबिक, इस नए आउटब्रेक में अब तक 87 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के 336 से अधिक संदिग्ध और पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं।
कांगो से युगांडा तक फैला संक्रमण
इस बार इबोला का मुख्य केंद्र पूर्वी कांगो का ‘इटुरी’ (Ituri) प्रांत है, जो एक बड़ा माइनिंग (खनन) क्षेत्र है। यहां से मरीज इलाज की तलाश में दूसरे इलाकों में गए, जिससे यह संक्रमण तीन प्रमुख हेल्थ जोन (मोंगबालू, रशमपारा और बूनिया) में फैल गया। हैरान करने वाली बात यह है कि संक्रमण अब कांगो की राजधानी किंशासा और पड़ोसी देश युगांडा की राजधानी कंपाला तक पहुंच चुका है। युगांडा में कांगो से आए एक संक्रमित बुजुर्ग की मौत के बाद वहां भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
क्यों खतरनाक है यह नया स्ट्रेन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता इस बात को लेकर सबसे ज्यादा है कि इस बार इबोला का ‘बुंदीबुग्यो’ (Bundibugyo) स्ट्रेन सक्रिय हुआ है। इतिहास में यह सिर्फ तीसरी बार है जब इस स्ट्रेन का पता चला है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वर्तमान में इबोला की जो भी वैक्सीन या इलाज मौजूद हैं, वे ‘जायरे’ (Zaire) स्ट्रेन के लिए बने हैं। इस नए बुंदीबुग्यो स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई विशिष्ट (Specific) वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, जिससे इसके क्षेत्रीय स्तर पर फैलने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
WHO की अपील: सीमाएं बंद न करें देश
इमरजेंसी घोषित करते हुए WHO ने साफ किया है कि यह स्थिति वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय फंड और चिकित्सा सहायता को तुरंत सक्रिय करने के लिए है। WHO ने फिलहाल देशों को अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद न करने की सलाह दी है, लेकिन प्रभावित इलाकों में कड़ी निगरानी और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान) तेज करने के निर्देश दिए हैं।
इबोला वायरस के मुख्य लक्षण:
यह एक बेहद संक्रामक और घातक बीमारी है जो संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ (जैसे खून, उल्टी या पसीने) के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
तेज बुखार और कमजोरी
मांसपेशियों और सिर में गंभीर दर्द
उल्टी और दस्त होना
गंभीर स्थिति में शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों से ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होना
लाइव 11 न्यूज की अपील: अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले नागरिक स्वास्थ्य गाइडलाइंस का पालन करें और प्रभावित देशों की यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें।
