बेरमो /बोकारो थर्मल विस्थापित एवं स्थानीय संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को विस्थापितों ने 500 मेगावाट वाले डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट के मुख्य गेट के समीप सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. आंदोलनकारियों ने प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और नुक्कड़ सभा कर अपनी मांगें रखीं.
*नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा:*
विस्थापितों ने स्थानीय प्रबंधन को नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा. प्रमुख मांगों में बोकारो थर्मल में नया प्लांट लगाने, विस्थापित परिवारों की पैनल सूची तैयार करने, 85 विस्थापितों को वार्षिक रखरखाव में रोजगार देने, पुनर्वास रैयतों को जमीन का मालिकाना हक देने, प्रभावित गांवों में पानी-बिजली-शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और अधिग्रहित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग शामिल थी.
*वार्ता के बाद बनी सहमति:*
2 जून से प्रस्तावित चक्का जाम को टालने के लिए सोमवार शाम 5 बजे जीएम एचआर एए कुजूर के कार्यालय में प्रबंधन और विस्थापित प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई. प्रबंधन ने सभी नौ मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए सहमति जताई.
प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया कि 10 दिनों के भीतर कुछ योग्य विस्थापितों का गेट पास बना दिया जाएगा. विस्थापितों की पैनल सूची बनाने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द पूरी कर ली जाएगी. साथ ही पुनर्वास रैयतों को मालिकाना हक दिलाने के लिए भी पहल की जा रही है.
*बैठक में ये रहे शामिल:*
प्रबंधन की ओर से जीएम एचआर एए कुजूर, वरीय प्रबंधक पार्थ सारथी मुखर्जी और मैनेजर सुनील कुमार शामिल हुए. वहीं विस्थापितों की ओर से करीम अंसारी, बालेश्वर यादव, वाजिद हुसैन, तैयब अंसारी, सुरेंद्र घासी, छत्रधारी गोप, मिथिलेश रजवार, दिनेश यादव और जोधन नायक मौजूद रहे.
लिखित समय-सीमा और आपसी सहमति के बाद विस्थापित संघर्ष समिति ने 2 जून से होने वाले प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन को डीवीसी के हित में फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की.
