अनिता कुमारी मौत मामला: विधायक कुमार जयमंगल ने कहा मामले में 6 गिरफ्तार, पिता दिवंगत राजेंद्र बाबू ने मुझे लाश पर राजनीति करने के संस्कार नहीं दिए।
BERMO NEWS: ढोरी 5 नम्बर में अनिता कुमारी की मौत और उसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक पर हुए 18 घंटे के सड़क जाम के बाद बेरमो की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। स्थानीय विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए विपक्षी दल भाजपा पर तीखा हमला बोला है। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का शुरू से ही लाशों पर राजनीति करने का इतिहास रहा है, लेकिन बेरमो की जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता है। विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने कहा कि अनिता कुमारी की मौत की जांच पुलिस पूरी गंभीरता से अपने स्तर पर कर रही है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य नामजद और अज्ञात आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी है। विधायक श्री सिंह ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। इस मामले का एक दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
धनबाद और बाघमारा क्षेत्र का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए विधायक श्री सिंह ने विरोधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बेरमो का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन वे जान लें कि बेरमो में धनबाद और बाघमारा की तरह अवैध खनन का खेल नहीं होता है। यहाँ कानून का राज है। विधायक श्री सिंह ने कहा कि राजनीति की मर्यादा उन्होंने अपने पुरखों से सीखी है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता दिवंगत राजेंद्र प्रसाद सिंह तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित बिंदेश्वरी दुबे ने मुझे ऐसे संस्कार नहीं दिए हैं कि मैं किसी की मौत पर ओछी राजनीति करूँ। हम न्याय पर भरोसा रखते हैं। अराजकता पर नहीं। सांसद ढुल्लू महतो और विधायक जयराम महतो समेत 200 लोगों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक कुमार जयमंगल सिंह के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इधर, प्रशासन पूरे मामले पर पैनी नजर रखे हुए है और विधायक के बयान के बाद पुलिस फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए और रेस हो गई है।
संवाददाता फुसरो शंकर प्रसाद की रिपोर्ट
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
