बेरमो: कथारा वाशरी के ठेकेदारों ने वर्षों से लंबित बकाया भुगतान को लेकर सोमवार को प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेता इसराफिल अंसारी उर्फ बबनी के नेतृत्व में ठेकेदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कथारा वाशरी के परियोजना पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर अपनी समस्याओं को रखा।
बैठक के दौरान ठेकेदारों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनका बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वाशरी में किसी प्रकार का कार्य नहीं किया जाएगा। ठेकेदारों का कहना था कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कई ठेकेदार कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और मजदूरों का भुगतान करना भी मुश्किल हो गया है।
कांग्रेस नेता इसराफिल अंसारी ने कहा कि ठेकेदार आज भूखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। वर्षों से बकाया राशि नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में ठेकेदारों को यह निर्णय लेना पड़ा है कि भुगतान होने तक कार्य पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
उन्होंने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो कथारा वाशरी का चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों का धैर्य अब जवाब दे चुका है और वे अपने हक के लिए किसी भी स्तर तक आंदोलन करने को तैयार हैं।
बैठक के दौरान इसराफिल अंसारी ने सीसीएल प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित नई कथारा वाशरी परियोजना का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि नई वाशरी क्षेत्र में रोजगार सृजन नहीं बल्कि बेरोजगारी बढ़ाने का कारण बनेगी। उनके अनुसार नई वाशरी में केवल 51 कर्मचारियों को ही रोजगार मिलेगा, जबकि वर्तमान व्यवस्था से जुड़े आरओएम, सेलरी, विस्थापित मजदूर, ठेकेदार तथा उनके माध्यम से कार्य करने वाले सैकड़ों श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।
उन्होंने प्रबंधन से नई वाशरी परियोजना पर पुनर्विचार करने तथा इसे रद्द करने की मांग की। वहीं, परियोजना पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने ठेकेदारों से कार्य बंद नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं और भुगतान संबंधी मांगों को महाप्रबंधक के समक्ष रखा जाएगा तथा समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि ठेकेदारों ने उनकी अपील को अस्वीकार करते हुए दोहराया कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होगा, तब तक कार्य बंद रहेगा।
बैठक में हाशिम अंसारी, इम्तियाज अंसारी, बद्री मिश्र, तालिब अंसारी, मोहम्मद जमील अंसारी, साबिर अंसारी सहित दर्जनों ठेकेदार उपस्थित थे। बैठक के बाद ठेकेदारों के तेवर से साफ संकेत मिल रहे हैं कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में कथारा वाशरी में आंदोलन और तेज हो सकता है।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
