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मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: ढोरी में राहगीरों के लिए “पनशाला” का शुभारंभ

ढ़ोरी मे खुले “पनशाला” मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म – रूपा सिन्हा 

प्यासे को पानी पिलाना पुण्य का कार्य — शालिनी सिं

रिपोर्टर फुसरो:- शंकर प्रसाद

फुसरो:- कस्तूरबा श्री विधा निकेतन ढ़ोरी के समीप सीसीएल अर्पिता महिला मंडल रांची के निर्देशन में शुद्ध पेयजल के लिए “प्याऊ” की व्यवस्था की गई। सोमवार को इसका उद्धाटन सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाली अर्पिता महिला समिति ढोरी की अध्यक्षा -सह- सीसीएल ढोरी जीएम रंजय सिन्हा की पत्नी रूपा सिन्हा ने कस्तूरबा श्री विधा निकेतन ढ़ोरी के समीप प्याऊ का उद्घाटन कर राहगीरों को पानी पिलाकर किया। कहा कि जल ही जीवन का अमूल्य उपहार है। स्वच्छ जल पीने से शरीर की कई समस्याएं स्वत: ठीक हो जाती हैं। गर्मी के मौसम में जल सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। कहा कि प्यास के कारण न जाने कितने इंसान, जीव, जंतु व पक्षियों की जान तक चली जाती है। प्रचंड गर्मी के कारण बीमार पड़ जाते हैं। कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। बताया कि पशुओं और पक्षियों को पीने के पानी के लिए नाद की भी व्यवस्था की गई है। पानशाला मे आम का जूस, सत्तू का जूस, नींबू पानी, चना, गुड़, लस्सी, लड्डू, फल आदि की व्यवस्था की गई है। मौके पर ढोरी क्षेत्र के एसओपी कुमारी माला सहित शालिनी सिंह,पूजा मोहंती,कविता झा, सीमा सिंह,सुनीता प्रसाद,सुनीता गुप्ता, प्रतिमा कुमारी,पूनम कुमारी,मीणा ऋषि आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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