गोमिया (बोकारो): गोमिया प्रखंड के तुलबुल स्थित कारी टोंगरी चौक में सोमवार को 171वें हूल क्रांति दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिद्धू-कान्हू कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी एवं समाजसेवी चितरंजन साव शामिल हुए। अतिथियों का आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे वीरों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज उनके आदर्शों पर चलते हुए उनके वंशज झारखंड सहित पूरे देश में अपनी संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कमेटी की ओर से फाइबर ब्लॉक और डीप बोरिंग की मांग पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
समाजसेवी चितरंजन साव ने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो सहित सभी जनजातीय वीरों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने हूल क्रांति के बलिदानियों को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष आज भी समाज को अपने अधिकारों और अस्मिता की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सिद्धू-कान्हू कमेटी के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में तुलबुल पंचायत की मुखिया ममता देवी, हीरालाल मांझी, संझलो मुर्मू, मुकेश सोरेन, प्रकाश सोरेन, पारस टुडू, श्याम देव मुंडा, दिलीप सोरेन, देवंती देवी, प्रदीप मुर्मू, दशरथ मांझी, सुरेश प्रजापति, गणेश हांसदा, फूलचंद हेंब्रम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
