गिरिडीह: श्री रामकृष्ण महिला महाविद्यालय में बुधवार को हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता, सम्मान एवं इसके अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिंदी पखवाड़ा समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के.एन. शर्मा ने की। समारोह का शुभारंभ प्राचार्य सहित डॉ. अनुज, डॉ. दीपिका, डॉ. पूनम एवं प्रो. लक्ष्मण राम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि हिंदी केवल हिंदी भाषी लोगों की भाषा नहीं, बल्कि पूरे भारत में जन-जन के बीच संवाद का माध्यम है। उन्होंने स्वरचित कविता एवं गीत भी प्रस्तुत किया।
प्राचार्य डॉ. के.एन. शर्मा ने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, साहित्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण भाषा है। डॉ. दीपिका कुमारी ने हिंदी की वर्तमान चुनौतियों एवं समाधान पर विचार रखते हुए कहा कि आज हिंदी के प्रति सम्मान और आत्मविश्वास के साथ इसका प्रयोग करने की आवश्यकता है। प्रो. लक्ष्मण राम ने स्वरचित गीत प्रस्तुत किया।
हिंदी पखवाड़े के दौरान कविता पाठ, भाषण, नाटक एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। “नादान नहीं है हिंदी” शीर्षक नाटक की सुंदर प्रस्तुति की गई, जिसकी पटकथा एवं निर्देशन डॉ. अनुज कुमार ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, डॉ. पूनम प्रभा मुंडू, प्रो. नम्रता तिर्की, सुबोध, महेंद्र, चिंता प्रतिमा, प्रिया, अल्बिना, लक्ष्मी, काजल तेरेसा, नेहा, गुलबशा, रेखा, संजना, रिंकू सहित हिंदी विभाग की छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन छात्रा प्रिया कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीपिका कुमारी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
