पलामू: जिले के छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत नौडीहा बाजार प्रखंड अंतर्गत सरईडीह, शाहपुर, खैरादोहर, डुमरी, नामुदाग के विभिन्न गाँवो मे मुसलमानो की संख्या काफ़ी है लेकिन प्रखंड मे एक भी सरकारी मान्यता प्राप्त मदरसे नही होने कारण अल्पसंख्यक बच्चें वर्ग तालीम जैसे वास्तनिया, फ़ौकनिया, मौलवी, आलिम, फ़ाज़िल के तालीम से अल्पसंख्यक बच्चें काफ़ी संख्या मे वंचित हो रहे है,
नौडीहा बाजार प्रखंड मे एक भी सरकारी मान्यता प्राप्त मदरसे नही है वही छतरपुर प्रखंड मे लाखो की तादात पर केवल एक मदरसे आकाबासा गाँव मे केवल वर्ग आठ यानि वास्तनिया की पढ़ाई होती है,जबकि सभी जगहों पर अल्पसंख्यक समुदाय ने अपने निजी खर्चे से मदरसे का अपना भवन बनाया है अगर सरकार मान्यता दे दें तो उसी भवनो मे पढ़ाई संचालित की जा सकती है, हर वर्ष अधिकांश बच्चे तालीम से वंचित हो रहे है, नौडीहा बाजार प्रखंड एंव छतरपुर प्रखंड के बच्चों को डालटनगंज या हरिहरगंज 50 किलोमीटर दूर जाने को विवस है, जिसके कारण अधिकांश बच्चे पढ़ने मे असमर्थ हो रहे है, और आज ऐसी स्थिति हो गई है की इन प्रखंडो के बच्चे उर्दू वर्ग के तालीम से काफ़ी पीछे हैं।
परवेज़ आलम की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
