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तेनुघाट जेल में जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया ।

तेनुघाट: माननीय सर्वोच्च न्यायलय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज बोकारो अनिल मिश्रा के निर्देशानुसार तेनुघाट जेल में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम मनोज प्रजापति के अगुवाई में जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया । एसीजेएम मनोज प्रजापति ने बंदियों को कानून की जानकारी देते हुए बताया कि अगर आपके खिलाफ थाना में मामला दर्ज किया जाता है और आपको थाना से नोटिस जारी किया जाता है तो आप थाना में जाकर अपनी बात रख सकते हैं । ताकि आपकी बातों को सुनकर मामला की जांच पड़ताल हो । बंदियों को प्रदान किए जाने वाले विभिन्न विधिक सहायता के बारे में बतलाते हुए कहा कि माननीय नालसा, नई दिल्ली एवं माननीय झालसा, रांची के द्वारा बंदियों के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर चलाए जा रहे हैं । जिनके माध्यम से उन बंदियों को उचित विधिक सहायता प्रदान की जाती है । इसी के तहत प्रत्येक महीने जेल अदालत का आयोजन किया जाता है ।

मुंसिफ शिवराज मिश्रा ने बंदियों को मिलने वाली सारी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी । बताया कि जेल जेल नहीं यह सुधार गृह है, जहां से आप अपने गलतियों पर विचार कर उसे सुधार कर बाहर निकले । बंदियों के द्वारा कोई भी आवेदन नहीं दिया गया था । बंदियों को दहेज अधिनियम, अधिकार एवं कर्तव्य सहित कानून की कई जानकारी दी । अधिवक्ता सुशील सिंह ने बताया कि वैसे बंदी जो स्वयं के खर्च पर अपना अधिवक्ता रख पाने में असमर्थ हैं, उनके लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देश पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो उन बंदियों के केस में संबंधित न्यायालय में निरंतर पैरवी करते हैं । साथ ही बंदियों से उनके समस्याओं के बारे में पूछा और उनके निराकरण के लिए हर संभव प्रयास करने की बातें कही ।

बंदियों को जानकारियां देने के बाद एसीजेएम मनोज प्रजापति के साथ मुंसिफ शिवराज मिश्रा, अधिवक्ता सुशील सिंह ने जेल में बंदी वार्ड, रसोईघर, महिला वार्ड सहित अन्य जगह का निरीक्षण किया ।

स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन जेलर नीरज कुमार ने देते हुए बताया कि बंदियों को कानून की जानकारी देते हुए अधिकार और कर्तव्य की जानकारी दी। बताया कि जहां अधिकार है वहीं कर्त्तव्य भी है। रोड पर चलना जहां आपका अधिकार है वहीं बाएं ओर चलना आपका कर्तव्य है। इसलिए आपको अधिकार के साथ ही साथ कर्त्तव्य का भी पालन करना चाहिए । मंच संचालन अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने किया । मौके पर विजय कुमार एवं जेल कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही । उक्त जानकारी अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने दी ।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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