स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर अनुपम कच्छप की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव रांची के रिंग रोड इलाके से बरामद किया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है। अनुपम रांची के खूंटी जिले के रहने वाले थे। दरोगा के मर्डर के बाद बीजेपी ने हेमंत सरकार को घेरा है।
अनुपम झारखंड पुलिस मुख्यालय स्थित स्पेशल ब्रांच में पदस्थापित थे। कई केस की जिम्मेदारी इनके हिस्से थी। पुलिस टीम के साथ स्पेशल ब्रांच भी मामले की जांच कर रही है। अनुपम 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर थे। कांके रिंग रोड स्थित इंडियन ढाबा से लौटते वक्त अनुपम की हत्या हुई है।
पार्टी करके लौट रहा था अनुपम
शव कांके थाना क्षेत्र के रिंग रोड में मिला है। स्पेशल ब्रांच के आईजी डीआईजी, रांची पुलिस के डीआईजी, एसएसपी समेत कई अधिकारी रिम्स पहुंचे। डीआईजी अनूप बिरथरे ने बताया कि कांके रिंग रोड स्थित इंडियन ढाबा से लौटते वक्त अनुपम की हत्या हुई। पुलिस अपराधियों की पहचान करने और जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार करने में लगी है।
अब तक मिल रही खबर के अनुसार अनुपम अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने गया था। पार्टी देर रात एक बजे तक चली। दो बजे अनुपम अपनी बाइक से निकला। इसी दौरान उसकी हत्या हुई। अनुपम ने बीआईटी सिंदरी से 2014 में बीटेक किया था।
दोस्तों के साथ पार्टी कर लौटने के दौरान मारी गई गोली।
हेमंत सरकार पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी रिम्स पहुंचे उन्होंने कहा, स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर अनुपम कच्छप की निर्मम हत्या अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने स्वार्थ के लिए राजधानी रांची तक को अयोग्य अफसरों के हवाले कर बारूद के ढेर पर बैठा दिया है।
बाबूलाल मरांडी ने रिम्स पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि राजधानी रांची में सुरक्षा के कथित चाक-चौबंद होने के बावजूद अपराधी बेखौफ ढंग से सरेआम वकीलों, पुलिस, बड़े बड़े प्रतिष्ठान के संचालकों तक की हत्या कर रहे हैं। अपराधियों के सामने घुटने टेक देने वाली हेमंत सरकार से आम जनता के सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है? हेमंत सरकार ने अपने घटिया कानून व्यवस्था के कारण साढ़े तीन करोड़ झारखंड वासियों का जीवन संकट में डाल दिया है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
बाबूलाल मरांडी ने रिम्स पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की।
