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एसीसी की बैठक में गोविंदपुर भूमिगत खदान घाटे मे बंद करने पर बनी सहमति।

बेरमो: सीसीएल कथारा क्षेत्र के ऑफिसर्स क्लब में 12 सितंबर को क्षेत्रीय सलाहकार समिति (एसीसी) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में गोविंदपुर भूमिगत खदान को पूर्णत: घाटे में चलने के कारण बंद करने पर आम सहमति बनी।

समिति की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार ने कहा गोविंदपुर भूमिगत खदान से एक टन कोयला उत्पादन की लागत 83 हजार खर्च है, जबकि उक्त खदान में लगभग 400 मेंन पावर है। कुल मिलाकर उक्त खदान में कंपनी को घाटा हो रहा है। ऐसे में इसे चालू रखना पुरे क्षेत्र को घाटे में रखना होगा।

 

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के जुलाई माह तक कथारा क्षेत्र 16 करोड़ लाभ अर्जित किया है, जबकि इसके विपरीत क्षेत्र का गोविंदपुर भूमिगत खदान 36 करोड़ 93 लाख 71हजार, बंद स्वांग भूमिगत खदान 20 लाख तथा बंद जारंगडीह भूमिगत खदान 5 लाख 92 हजार घाटे में रहा है। उन्होंने बताया कि जारंगडीह तथा स्वांग भूमिगत खदान वर्षों से बंद है।

 

महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र का कथारा कोलियरी 16.88 करोड़ तथा स्वांग कोलियरी 49.11 करोड़ घाटे में है, जबकि गोविंदपुर फेज टू खुली खदान 31 करोड़, जारंगडीह खुली खदान 49 करोड़ तथा कथारा वाशरी 3.97 करोड़ लाभ अर्जित किया है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में यहां स्वांग-पिपराडीह परियोजना के अलावा स्वांग में नई कोल वाशरी खुलेगी, जो कोलियरी के लिए काफी लाभकारी होगा।

 

इसके अलावा मुख्यालय से जारंगडीह का टाटा ब्लॉक और ढोरी माता चर्च शिफ्टिंग का अनुमोदन प्राप्त हो गया है। इस लिहाज से यहां कोयला उत्पादन वृद्धि की संभावना है। उनकी सोंच जारंगडीह का लक्ष्य 15 लाख टन से अधिक 20 लाख टन करने की है।

उन्होंने कहा कि झिरकी और बांध को लेकर भी मुख्यालय प्रबंधन की सोंच सार्थक है, जिससे कथारा क्षेत्र निकट भविष्य में दस मिलियन टन (सौ लाख टन) तक कोयला उत्पादन करेगा। यह क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है। महाप्रबंधक संजय कुमार ने कहा कि यहां उनके पदस्थापन के पश्चात बीते 15 अगस्त तक क्षेत्र के 153 कामगारों को पदोन्नति देने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इससे अधिक 170 कामगारों को उनके द्वारा पदोन्नति दी गई। उन्होंने कहा कि जल्द ही क्षेत्र में फायर टेंडल स्थापित किया जाएगा।

 

साथ ही कहा कि केटेगरी वन में ही कई मजदूरों के सेवानिवृत होना दु:खदाई रहा, इसलिए वे जल्द ही क्षेत्र में कार्यरत केटेगरी वन मजदूरों के साथ बैठक कर उनके विशेषता के अनुरूप पदोन्नत करेंगे। इस अवसर पर क्षेत्रीय सलाहकार समिति के पीके जसवाल, बाल गोविंद मंडल, राजू स्वामी,आदि।

 

मथुरा सिंह यादव तथा समसुल हक ने गोविंदपुर परियोजना को कंपनी तथा राष्ट्रीय हित में बंद करने पर अपनी सहमति दी, जबकि विजय कुमार सिंह ने कहा कि एक बार इस मुद्दे को लेकर वे आकलन का आग्रह प्रबंधन से करते हैं। पीके विश्वास ने उक्त भूमिगत खदान को बंद करने पर अपनी असहमति जताई तथा वर्तमान में क्षेत्र में हो रही जलापूर्ति घटिया बताया।

 

इकबाल अहमद ने सीएमसी नहीं होने के कारण क्षेत्र के तमाम कॉलोनियों में गंदगी का अंबार लगने की बात कही, जबकि रीतलाल महतो ने गोविंदपुर में हैवी ब्लास्टिंग किए जाने पर ग्रामीण क्षेत्र में दहशत की बात कही। उक्त तथ्यों को लेकर महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष असैनिक तथा विभागाध्यक्ष कार्मिक द्वारा एसीसी सदस्यों की कार्य प्रगति की जानकारी दी।

 

बैठक में महाप्रबंधक तथा उपरोक्त एसीसी सदस्यों के अलावा महाप्रबंधक उत्खनन सह विभागाध्यक्ष जे.एस. पैकरा, महाप्रबंधक सह विभागाध्यक्ष सेफ्टी सीबी तिवारी, कथारा वाशरी पीओ विजय कुमार, स्वांग-गोविंदपुर फेज टू पीओ ए.के. तिवारी, कथारा कोलियरी पीओ डीके सिन्हा, विभागाध्यक्ष असैनिक संजय सिंह, विभागाध्यक्ष पीएंडपी अर्जुन कुमार प्रसाद, क्षेत्रीय वित्त प्रबंधक राजीव रंजन, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष आदि।

 

पर्यावरण श्याम सुंदर पाल, विभागाध्यक्ष सीएसआर चंदन कुमार, कार्मिक प्रबंधक गुरुप्रसाद मंडल, सहायक प्रबंधक कार्मिक सूर्य प्रताप सिंह, महाप्रबंधक के तकनीकी सहायक राहुल कुमार के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार, संचालन क्षेत्रीय प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन जयंत कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्मिक प्रबंधक गुरु प्रसाद मंडल ने किया।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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