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टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग से एस पौंड जाने से लोगों को बड़ी बिमारियां का देने लगा है आमंत्रण।

एनटीपीसी से निकलने वाली एस पौंड (कोयला की राख) को टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग से जाने लगा है।

किसके संरक्षण में टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग से ट्रांसपोर्टिंग जा रहा है एनटीपीसी का एस पौंड : जिला परिषद सदस्य देवंती देवी।

टंडवा:एनटीपीसी थर्मल पावर स्टेशन से निकलने वाली जहरीली एस पौंड अब दिनदहाड़े टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग से ट्रांसपोर्टिंग किया जा रहा है। किसके संरक्षण में टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग से ट्रांसपोर्टिंग किया जा रहा है एनटीपीसी का एस पौंड। पब्लिक सड़कों से ढुलाई होने से रास्ते में भी उड़ती है ग्रामीण एवम राहगीरों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चिंता का कारण बन रही है। एनटीपीसी का एस पौंड ओवरलोड हाईवा वाहन से तंग आकर टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग में चलने वाले एस पौंड ओवरलोड कई वाहनों को ग्रामीणों ने वापस लौटाया। वही उत्तरी जिला परिषद देवंती देवी ने कही की

एनटीपीसी नॉर्थ करनपुरा थर्मल पावर स्टेशन से ओवरलोडेड हाइवे से एस पौंड का गिरना क्षेत्र में एक नियमित घटना बनती जा रही है। टंडवा-सिमरिया मुख्य मार्ग में निवास करने वाले गांव के ग्रामीणों को हर दिन गुजरते देख कर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।इसका कारण यह है कि एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा थर्मल पावर स्टेशन से निकलने वाले फ्लाई ऐश से भरे वाहनों मुख्य सड़कों से गुजर रहे हैं और खतरनाक एस पौंड को अपने रास्ते के चारों ओर फैला रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चिंता पैदा हो रही है। टंडवा में एनटीपीसी के उत्तरी कर्णपुरा थर्मल पावर स्टेशन से एस पौंड का परिवहन टंडवा- सिमरिया मुख्य मार्ग पर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है ।ओवरलोडेड हाइवे जहरीली राख को सड़क पर गिरने से आस-पास रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो रही है। आगे ग्रामीणों ने बताया कि अगर टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग से एस पौंड का ट्रांसपोर्टिंग बंद नहीं होती है तो एक बड़ी आंदोलन पर विचार करेंगे।

हाईवा वाहन से गिरने वाली गीली राख सूख जाती है और एलर्जी के कारण त्वचा और आंखों में जलन पैदा करती है। ऐसे आरोप है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की कीमत पर वित्तीय लाभ से प्रेरित होकर अधिकारी और ट्रांसपोर्टर इन उल्लंघनों में शामिल हैं। इस चल रहे मुद्दे ने ग्रामीणों में काफी गुस्सा पैदा किया है,जो प्रदूषित वातावरण और स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं।

 

*एस पौंड के कारण होने वाले प्रमुख स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरे:-*

 

एस पौंड में मौजूद जहरीले यौगिक और भारी धातुएं फेफड़ों के कैंसर और तंत्रिका संबंधी क्षति जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है और यहां तक कि समय से पहले मृत्यु का कारण भी बन सकती है।

जब एस पौंड को झीलों, तालाबों या नदियों में निस्तारित किया जाता है तो यह आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और कुछ जलीय जीवों के लिए घातक भी हो सकता है।

कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों से निकलने वाला फ्लैश भारत में वायु प्रदूषण के प्राथमिक कारणों में से एक है। इसके अलावा यदि अनुपचारित एस पौंड को सीधे भूमिगत कर दिया जाता है तो यह मिट्टी को बंजर बना सकता है और मिट्टी को प्रदूषित कर सकता है। जमीन पर एस पौंड का अधिक निपटान भूजल के पुनर्भरण को धीमा कर देता है।

उपर्युक्त पर्यावरणीय और स्वास्थ्य खतरों को ध्यान में रखते हुए, एनटीपीसी लिमिटेड के शीर्ष प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूत और तत्काल उपाय करने चाहिए कि एस पौंड का परिवहन अधिक जिम्मेदारी और सुरक्षित रूप से किया जाए।

सहबान की रिपोर्ट,

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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