बैठक में उपस्थित रहने के लिए सीसीएल अधिकारियों द्वारा वाहन मालिक पर बनाया गया था दबाव।
टंडवा(चतरा)आम्रपाली कोल परियोजना के अंतर्गत रेलवे लाइन निर्माण हेतु ग्राम सभा का चर्चित फर्जीवाड़ा ग्राम सभा का मामला अभी तक शांत नहीं हुआ है। ग्राम सेरनदाग का एक प्रतिनिधिमंडल जिले के उपयुक्त महोदय से अपनी मांगों की पूरा होने तक ग्राम सभा को स्थगित रखने की मांग किया था। जिस पर उपयुक्त चतरा के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता महोदय की अध्यक्षता में दिनांक 10 दिसंबर 2024 को एक बैठक की गई थी जिसमें सीसीएल के अधिकारी ग्रामीण जनता उपस्थित हुए ग्रामीणों की मांग को देखते हुए अपर समाहर्ता महोदय ने निर्देश दिया कि जब तक ग्रामीण संतुष्ट नहीं हो जाते हैं तब तक ग्राम सभा स्थगित रखा जाए ग्रामीणों की मुख्य मांग ग्राम सेरेनदाग में फर्जी तरीके से लगाए गए सीबीआई एक्ट को खारिज करना तथा सेरनदाग विस्थापित नहीं हो इसके लिए कम से कम गांव में बने घरों में लगे सेक्शन एक्ट को खारिज करने की मांग किया गया। जिस पर अपर समाहर्ता महोदय ने ग्रामीणों की एक स्वर एवं एकमत को ध्यान में रखते हुए अंचला अधिकारी टंडवा को निर्देश दिए की ग्राम सेरनदाग के बने घरों का भौतिक सत्यापन किया जाए तथा वहां के ग्रामीण एवं घर मालिक से उनके विचार
से अवगत हो कि वह अपनी जमीन सीसीएल को देना चाहती है या नहीं जब तक भू स्थल पर जाकर यह कार्य नहीं होता तब तक ग्राम सभा को स्थगित रखा जाए ताकि किसी प्रकार का आंदोलन ग्रामीण खड़ा ना करें इस की बैठक में मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि के रूप में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष श्री गोविंद तिवारी, सिमरिया विधानसभा विधायक पूर्व प्रत्याशी मनोज कुमार चंद्र, उप प्रमुख जितेंद्र सिंह,चंद्रदेव साहु, कसियाडीह पंचायत मुखिया सरिता देवी, पूर्व मुखिया दासो देवी, तथा सीसीएल तमाम अधिकारी, एवम् सैकड़ो के संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
कामेश्वर गुप्ता की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
