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तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

तेनुघाट: माननीय सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज सह सत्र न्यायाधीश बोकारो अनिल कुमार मिश्रा के निर्देश पर 14 दिसम्बर को तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 72,157 मामलों का निष्पादन और लगभग 7 करोड़ 22 लाख रुपए की समझौता राशि वसूल किया गया। जानकारी के अनुसार यहां आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बिजली विभाग के 5,634 मामले में लगभग 3 करोड़ 64 लाख रुपए, बैंक विभाग के 169 मामले एक करोड़ इकवान लाख रुपए, चेक बाउंस के 27 मामले में 12 लाख पंचाबे हजार रुपए, सहित उत्पाद विभाग, वन विभाग, प्री लिटिगेशन के मामलों सहित अन्य कई विभाग के मामलों का निष्पादन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर संयुक्त रूप से जिला जज प्रथम अनिल कुमार, कुटुंब न्यायालय प्रेमनाथ पांडेय, जिला जज द्वितीय द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी, अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ, एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति, एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल, सब जज द्वितीय राजेश रंजन कुमार, मुंसिफ शिवराज मिश्रा आदि ने किया। इस अवसर पर जिला जज प्रथम अनिल कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन नालसा और झालसा के तत्वाधान में पूरे देश में आयोजित किया जा रहा है। आपकी उपस्थिति यह बताती है कि आप लोक अदालत के कार्य कलाप से काफी प्रभावित है। जिससे समय की और पैसे की भी बचत होती है। वहीं कोर्ट की प्रक्रिया में मामलों का निष्पादन होने में काफी समय लगता है। इस वर्ष का यह अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत है, यह वर्ष में चार बार आयोजित किया जाता है। विगत तीन महीने से हमलोग लोक अदालत की सफलता को लेकर प्रयासरत है। इसका उद्देश्य यह है कि आप सभी छोटे छोटे मामलों का न्यायालय की प्रक्रिया में न फंस कर समझौता के आधार पर निपटारा कराए। इसमें अधिवक्ता, अधिवक्ता लिपिक, मुवक्किल और अन्य का भी काफी सहयोग मिलता है। अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ ने बताया कि आप सभी जानते हैं कि न्यायालय व्यवस्था के तहत आम जनजीवन को न्याय दिलाना बड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। जल्द से जल्द और सुलभ तरीके से मामलों का निष्पादन हो इसलिए लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निष्पादन किया जाता है। एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति ने कहा कि लोक अदालत की शुरुआत होने के बाद कोर्ट में मुकदमों की संख्या में काफी कमी आई है। कहा कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जितने भी आम व् खास कार्य कर रहे हैं, सभी पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत के समाप्ति के बाद से ही इस राष्ट्रीय लोक अदालत के सफलता के लिए कार्य करने लगे थे। इस तरह राष्ट्रीय लोक अदालत में काफी मामले का निष्पादन होने की उम्मीद है। अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने मंच संचालन, स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत संविधान की परिकल्पना पूरी करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन नवंबर 2013 से पूरे देश में हर तीन माह में आयोजित किया जा रहा है। हमारा संविधान सभी को सामाजिक, आर्थिक एवं सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है। हमें अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी का भी काफी सहयोग मिला है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में निष्पादित मामलों का किसी भी तरह का अपील नहीं किया जाता है। लोक अदालत का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है, जिससे आम जनता को लाभ हो रहा है। लोक कल्याण कार्यों का पीड़ितों को समय पर लाभ नहीं मिल पाने और विलंब होने के कारण ही लोक अदालत का शुरुआत किया गया। इसके लिए सभी न्यायिक पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, न्यायिक कर्मी गण का काफी सहयोग रहा है। इसके लिए वे सभी को साधुवाद देती है। वही कुटुंब न्यायालय प्रेमनाथ पांडेय, जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी, सब जज द्वितीय राजेश रंजन कुमार, मुंसिफ शिवराज मिश्रा, अधिवक्ता सुभाष कटरियार, शैलेश चंद्र, जीवन सागर आदि ने भी संबोधित किया। अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में उपस्थित सभी साधुवाद के पात्र है। आशा है कि इसमें सभी का काफी सहयोग प्राप्त होगा। मुंसिफ मिश्रा ने बताया कि सभी लोक अदालत में अपना मामला का निष्पादन कराकर लाभान्वित हो उनकी यही कामना है। कहा कि सुलहनीय धाराओं में दोनों पक्षों को बुलाकर मामलों का निष्पादन कराया जा रहा है और पूरी उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा मामलों का निष्पादन होगा।

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल निष्पादन के लिए तीन बेंच का गठन किया गया था। पहले बेंच पर जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी एवं अधिवक्ता नरेश चंद्र ठाकुर, दूसरे बेंच पर एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल एवं अधिवक्ता कल्याणी तथा तीसरे बेंच पर मुंसिफ शिवराज मिश्रा एवं अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह मौजूद थे। मौके पर रामकृष्ण गुप्ता, राजेश्वर जायसवाल, राजेश सिन्हा, दीपक गुप्ता, सुजय आनंद, उदय सिंह, रितेश सिंह, चंद्र देव हांसदा, पंकज कुमार, विष्णु कुमार मिश्रा, सुनीता सिन्हा, कृष्णा रजक, मदन प्रजापति, लालदेव मल्लाह, सहित न्यायिक कर्मीगण, पीएलवी के सदस्य उपस्थित थे।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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