नई दिल्ली: 07 जनवरी 2025: सुषमा स्वराज भवन में कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित चिंतन शिविर 2.0 ने खनन एवं ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार, कुशल प्रशासन और उत्कृष्टता को नए आयाम दिए। केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे की सह-अध्यक्षता में इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। 
कार्यक्रम में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, निदेशक मंडल, मंत्रालय और कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी तथा खनन और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस मंच ने न केवल विचार-विमर्श के लिए अवसर प्रदान किया, बल्कि उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को सम्मानित कर उनके प्रयासों को नई पहचान दी।
सम्मान समारोह: उत्कृष्ट प्रदर्शन को मिला राष्ट्रीय मंच
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने *स्पेशल कैंपेन 4.0 के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कोयला सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) को सम्मानित किया। सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) को अधिकतम ई-ऑफिस फाइलों के निपटान के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार प्रदान किया गया। सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक निलेंदु कुमार सिंह और महाप्रबंधक (सीसीएमसी) सह नोडल अधिकारी (स्पेशल कैंपेन 4.0) एन. के. झा ने यह प्रतिष्ठित शील्ड और प्रमाण पत्र माननीय कोयला मंत्री से प्राप्त किया। 
iGOT कर्मयोगी पोर्टल: प्रशासनिक दक्षता का नया मानदंड
कार्यक्रम के दौरान iGOT कर्मयोगी भारत पोर्टल के शीर्ष 20 प्रदर्शनकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। रेड्डी ने इस पहल को सरकारी कर्मचारियों के कुशल प्रशासन और प्रभावी सार्वजनिक सेवा के लिए “परिवर्तनकारी उपकरण” करार दिया।
सीसीएल, कथारा क्षेत्र के उप प्रबंधक (सामुदायिक विकास) चंदन कुमार और कुजू क्षेत्र के उप प्रबंधक (वित्त) भरत कुमार केसरी को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाणपत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
भावी दिशाएं और संकल्प
इस अवसर पर रेड्डी ने कहा, “चिंतन शिविर 2.0 न केवल हमारे दृष्टिकोण को परिष्कृत करता है, बल्कि हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। iGOT और स्पेशल कैंपेन जैसी पहलें सरकारी कार्य प्रणाली को आधुनिक, कुशल और जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।” 
इस आयोजन ने कोयला मंत्रालय और उसकी कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और सतत विकास के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
